कैल्शियम का पावरहाउस है मोरिंगा,हड्डियों को लोहे जैसा मजबूत बनाने के लिए इन 3 तरीकों से करें इस्तेमाल

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News India Live, Digital Desk : अगर आप जोड़ों के दर्द, थकान या कैल्शियम की कमी से परेशान हैं, तो आपको महंगे सप्लीमेंट्स के बजाय अपनी रसोई में झांकने की जरूरत है। मोरिंगा (Moringa), जिसे हम सहजन या 'सुपरफूड' के नाम से जानते हैं, पोषण का खजाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि मोरिंगा में दूध से भी कहीं ज्यादा कैल्शियम और संतरे से ज्यादा विटामिन C होता है।

लेकिन, क्या आप जानते हैं कि इसका अधिकतम लाभ उठाने के लिए इसे खाने का सही तरीका क्या है? यहाँ मोरिंगा के इस्तेमाल के 3 सबसे बेहतरीन तरीके दिए गए हैं:

1. मोरिंगा का पानी या हर्बल टी (Empty Stomach)

कैल्शियम के बेहतर अवशोषण (Absorption) के लिए सुबह खाली पेट मोरिंगा का सेवन सबसे प्रभावी माना जाता है।

कैसे बनाएं: एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच मोरिंगा पाउडर और थोड़ा शहद मिलाकर पिएं।

फायदा: यह न केवल आपकी हड्डियों को मजबूती देता है, बल्कि शरीर को डिटॉक्स भी करता है और मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है।

2. स्मूदी या जूस में शामिल करें

अगर आपको मोरिंगा का स्वाद थोड़ा कड़वा लगता है, तो आप इसे अपनी पसंदीदा स्मूदी या ताजे फलों के रस में मिला सकते हैं।

कैसे बनाएं: पालक, केला और सेब की स्मूदी बनाते समय उसमें एक चम्मच मोरिंगा पाउडर डाल दें।

फायदा: मोरिंगा में मौजूद मैग्नीशियम और फास्फोरस, कैल्शियम के साथ मिलकर हड्डियों के घनत्व (Bone Density) को बढ़ाने में मदद करते हैं।

3. दाल या सूप में तड़का (Traditional Way)

भारतीय घरों में सहजन की फली का उपयोग सांभर या सब्जी में किया जाता है, लेकिन इसके पत्तों का पाउडर भी दाल में डाला जा सकता है।

कैसे बनाएं: दाल पकने के बाद ऊपर से मोरिंगा पाउडर छिड़कें या सहजन की फलियों का सूप बनाकर पिएं।

फायदा: यह तरीका पाचन में आसान होता है और उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिन्हें सीधे पाउडर खाने में समस्या होती है।

मोरिंगा के अन्य अद्भुत लाभ:

खून की कमी (Anemia) दूर करे: इसमें आयरन की भरपूर मात्रा होती है।

शुगर कंट्रोल: यह ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखने में मददगार है।

चमकदार त्वचा और बाल: इसके एंटीऑक्सीडेंट्स बढ़ती उम्र के असर को कम करते हैं।

सावधानी: मोरिंगा की तासीर गर्म होती है, इसलिए एक दिन में 1 छोटे चम्मच से ज्यादा पाउडर का सेवन न करें। गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसे शुरू करें।