Nepal Interim Government : नेपाल में खत्म हुआ सियासी भूचाल, पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं सुशीला कार्की

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News India Live, Digital Desk: Nepal Interim Government : नेपाल में कई दिनों से जारी सियासी संकट का दौर आखिरकार खत्म हो गया है. देश की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रह चुकीं सुशीला कार्की ने अंतरिम प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है. 73 वर्षीय कार्की की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब पूरा देश युवाओं के गुस्से और हिंसक प्रदर्शनों से जूझ रहा था. उनकी नियुक्ति के साथ ही देश में एक नए दौर की शुरुआत की उम्मीद जगी है

कैसे और क्यों सुलग उठा नेपाल?

नेपाल में इस राजनीतिक संकट की शुरुआत तब हुई जब सरकार ने भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर बैन जैसे मुद्दों को लेकर सख्त रवैया अपनाया. इससे देश की युवा पीढ़ी, जिसे 'जेन Z' कहा जा रहा है, का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा.ये प्रदर्शन इतने हिंसक हो गए कि हालात काबू से बाहर होने लगे. इन झड़पों में कई लोगों की जान चली गई, जिसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा.

कौन हैं सुशीला कार्की?

सुशीला कार्की कोई राजनेता नहीं हैं, बल्कि उनकी पहचान एक निडर और ईमानदार जज की रही है. वह नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश थीं और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने सख्त फैसलों के लिए जानी जाती हैं उन्होंने अपने कार्यकाल में कई बड़े नेताओं और अधिकारियों के खिलाफ भी फैसले सुनाए थे. प्रदर्शन कर रहे युवाओं के बीच उनकी छवि एक भरोसेमंद व्यक्ति की थी, यही वजह है कि आंदोलनकारियों ने अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए उनके नाम को आगे बढ़ाया.

अब आगे क्या होगा?

सुशीला कार्की के प्रधानमंत्री बनने के बाद राष्ट्रपति ने संसद को भंग कर दिया है और देश में नए चुनावों की तारीख का भी ऐलान कर दिया गया हैअब अंतरिम सरकार का मुख्य काम देश में शांति व्यवस्था बहाल करना और निष्पक्ष चुनाव कराना होगा. कार्की के सामने सबसे बड़ी चुनौती देश के युवाओं का भरोसा जीतने और राजनीतिक स्थिरता कायम करने की होगी.

पड़ोसी देश भारत ने भी नेपाल में हुए इस बदलाव का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे देश में शांति और स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा