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April 14 2026 10:08 pm

सरकारी योजनाओं में लापरवाही छत्तीसगढ़ के 21 जिलों में मिलीं गंभीर खामियां, राज्य खाद्य आयोग ने दिखाई सख्ती

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News India Live, Digital Desk: छत्तीसगढ़ में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। राज्य खाद्य आयोग द्वारा प्रदेश के 21 जिलों में किए गए व्यापक निरीक्षण के दौरान विभिन्न स्तरों पर गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को आयोग के कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण अंतरविभागीय समीक्षा बैठक में इन रिपोर्टों पर चर्चा की गई, जिसके बाद आयोग ने संबंधित विभागों और अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।

निरीक्षण में क्या आईं खामियां?

राज्य खाद्य आयोग के सदस्यों और अधिकारियों ने राशन दुकानों (PDS), आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) योजना का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान निम्नलिखित मुख्य समस्याएं पाई गईं:

राशन वितरण में अनियमितता: कई उचित मूल्य की दुकानों पर खाद्यान्न की मात्रा कम पाई गई और हितग्राहियों को समय पर राशन नहीं मिलने की शिकायतें मिलीं।

भंडारण और गुणवत्ता: अनाज के सुरक्षित भंडारण के मानकों का पालन नहीं हो रहा था, जिससे अनाज की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा था।

आंगनबाड़ी और मध्याह्न भोजन: बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार और स्कूलों में पकाए जाने वाले भोजन की पौष्टिकता और स्वच्छता में कमी देखी गई।

अभिलेखों का रखरखाव: कई केंद्रों पर स्टॉक रजिस्टर और वितरण से संबंधित दस्तावेजों का मिलान नहीं हो सका।

आयोग ने दिए सख्त निर्देश

समीक्षा बैठक के दौरान आयोग ने स्पष्ट किया कि पोषण और खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जवाबदेही तय होगी: आयोग ने 21 जिलों के संबंधित कलेक्टरों और खाद्य अधिकारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। लापरवाही बरतने वाले मैदानी कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

समय सीमा में सुधार: जिन केंद्रों पर खामियां मिली हैं, उन्हें सुधारने के लिए एक निश्चित समय सीमा दी गई है। इसके बाद दोबारा निरीक्षण किया जाएगा।

डिजिटल ट्रैकिंग: वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए ई-पॉस (e-PoS) मशीनों के शत-प्रतिशत उपयोग और ऑनलाइन मॉनिटरिंग को और मजबूत करने को कहा गया है।

आम जनता के लिए संदेश

राज्य खाद्य आयोग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें राशन मिलने में कोई समस्या हो या गुणवत्ता खराब लगे, तो वे सीधे आयोग के हेल्पलाइन नंबर या शिकायत पोर्टल पर अपनी बात रख सकते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि 'अंतिम व्यक्ति' तक सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भ्रष्टाचार के पहुंचे।