छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों के लिए खुशखबरी 15वें वित्त आयोग से मिले 404 करोड़ रुपये, विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार
News India Live, Digital Desk: छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत में सक्रियता और बेहतर समन्वय का एक शानदार उदाहरण पेश किया है। राज्य सरकार ने केंद्र से 15वें वित्त आयोग (15th Finance Commission) के तहत 404.66 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि सफलतापूर्वक प्राप्त कर ली है। इस फंड के मिलने से प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और विकास परियोजनाओं को अब नई गति मिलेगी।
महज 48 घंटों में बना 'नया रिकॉर्ड'
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ सरकार ने इस राशि को हासिल करने के लिए मिशन मोड में काम किया। विभाग ने महज 48 घंटों के भीतर कागजी प्रक्रिया पूरी कर केंद्र सरकार से यह फंड सुनिश्चित किया:
पहली किस्त: 30 मार्च 2026 को भारत सरकार से 202.33 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
त्वरित कार्रवाई: उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभाग ने बिना समय गंवाए 24 घंटे के अंदर इस राशि को निकायों में ट्रांसफर किया और 'ग्रांट ट्रांसफर सर्टिफिकेट' (GTC) तैयार कर केंद्र को भेज दिया।
दूसरी किस्त: समय सीमा के भीतर GTC जमा होने और केंद्रीय मंत्रालयों के साथ बेहतर तालमेल के चलते, केंद्र ने तुरंत 202.33 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त भी मंजूर कर दी।
इन सुविधाओं में होगा बड़ा सुधार
15वें वित्त आयोग से प्राप्त इस 404 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग मुख्य रूप से नगरीय निकायों (नगर निगम, नगरपालिका और नगर पंचायत) में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए किया जाएगा:
पेयजल आपूर्ति: शहरी इलाकों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था और पुरानी पाइपलाइनों के विस्तार के लिए।
स्वच्छता और ड्रेनेज: नालियों की सफाई, कचरा प्रबंधन और शहर को स्वच्छ बनाए रखने की परियोजनाओं के लिए।
बुनियादी ढांचा: सड़कों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट और पार्कों के रखरखाव जैसे स्थानीय विकास कार्यों के लिए।
जल संचयन: रेन वाटर हार्वेस्टिंग और जल पुनर्चक्रण (Water Recycling) जैसी महत्वपूर्ण पर्यावरण अनुकूल परियोजनाओं के लिए।
क्यों महत्वपूर्ण है यह फंड?
नगरीय निकायों के लिए यह राशि 'संजीवनी' की तरह है, क्योंकि इससे स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इस उपलब्धि पर विभाग के अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के शहरों को स्मार्ट और सुविधा संपन्न बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। समय पर फंड मिलने से अब मानसून से पहले कई जरूरी निर्माण कार्य पूरे किए जा सकेंगे।