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April 04 2026 03:10 am

छत्तीसगढ़ में कुदरत का कहर कई इलाकों में तेज आंधी-बारिश और ओलावृष्टि, 4 अप्रैल तक येलो अलर्ट जारी

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News India Live, Digital Desk: छत्तीसगढ़ में अप्रैल की शुरुआत के साथ ही मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि (Hailstorm) हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। यह अस्थिर मौसम आने वाले 4 अप्रैल तक बने रहने के संकेत हैं।

प्रमुख जिलों में अलर्ट और संभावित स्थिति

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक द्रोणिका (Trough) उत्तर प्रदेश से होते हुए छत्तीसगढ़ तक सक्रिय है, जिसके कारण वातावरण में नमी बढ़ी है।

अलर्ट का प्रकारप्रभावित होने वाले संभावित क्षेत्र/जिलेमौसम की स्थिति
ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert)बिलासपुर, पेंड्रा, मुंगेली, कवर्धा और बेमेतराभारी बारिश, ओलावृष्टि और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से अंधड़।
येलो अलर्ट (Yellow Alert)रायपुर, दुर्ग, बालोद, धमतरी और महासमुंदगरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और वज्रपात (Lightning) की आशंका।

गर्मी से राहत, पर किसानों की बढ़ी चिंता

इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने एक तरफ जहां चिलचिलाती गर्मी से लोगों को अस्थायी राहत दी है, वहीं किसानों के लिए यह आफत बनकर आई है।

तापमान में गिरावट: पिछले 24 घंटों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। रायपुर में पारा 38 डिग्री के आसपास बना हुआ है।

फसलों को नुकसान: ओलावृष्टि के कारण खेतों में खड़ी रबी फसलों और सब्जी की खेती को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। विशेषकर आम और लीची की बोर (मंजर) झड़ने से बागवान चिंतित हैं।

सावधानी बरतने की अपील

मौसम विभाग ने वज्रपात (आकाशीय बिजली) को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है। लोगों को सलाह दी गई है कि:

आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास शरण न लें।

गरज-चमक होने पर पक्के मकानों के अंदर ही रहें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग कम करें।

किसानों को सलाह दी गई है कि कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखें।

मौसम विभाग का अनुमान है कि 4 अप्रैल के बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा और तापमान में फिर से बढ़ोतरी शुरू होगी। फिलहाल, प्रशासन ने सभी जिला कलेक्टरों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं।