मोदी-ट्रंप की दोस्ती ने बढ़ाई बांग्लादेश की टेंशन भारत को मिला स्पेशल डिस्काउंट, अब ढाका के गारमेंट बाजार में लगेगा ताला
News India Live, Digital Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुए समझौते के बाद अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया है। यह फैसला बांग्लादेश के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है, क्योंकि अब भारतीय सामान अमेरिकी बाजार में बांग्लादेशी सामानों की तुलना में काफी सस्ता हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस 'मास्टरस्ट्रोक' के बाद बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले गारमेंट सेक्टर को भारी नुकसान होने वाला है।
बांग्लादेश पर टैरिफ की मार: भारत से पिछड़ा ढाका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई नीति के तहत, भारत को अब अपने पड़ोसियों के मुकाबले सबसे कम टैरिफ का लाभ मिल रहा है।
बांग्लादेश की स्थिति: वर्तमान में बांग्लादेशी उत्पादों पर अमेरिका ने 20% का टैरिफ लगाया है।
भारत की बढ़त: डील के बाद भारत पर यह टैरिफ घटकर 18% रह गया है।
सीधा असर: केवल 2% का यह अंतर अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों डॉलर का फर्क पैदा करता है। अब अमेरिकी खरीदार बांग्लादेश के बजाय भारत से कपड़े और अन्य सामान खरीदना पसंद करेंगे।
यूनुस सरकार की बढ़ी मुश्किलें: तंज पड़ा भारी?
कुछ समय पहले बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने भारत पर लगे भारी टैरिफ को लेकर तंज कसा था, लेकिन ट्रंप के ताजा फैसले ने पासा पलट दिया है।
प्रतिस्पर्धा में पीछे: वियतनाम और पाकिस्तान जैसे देशों पर भी 19% का टैरिफ है, जबकि भारत अब 18% के साथ सबसे आकर्षक एक्सपोर्ट पार्टनर बन गया है।
गारमेंट एक्सपोर्ट पर खतरा: बांग्लादेश के कुल निर्यात का 80% से अधिक हिस्सा गारमेंट्स का है। भारत को मिले इस 'प्राइस एडवांटेज' से ढाका के कारखानों में छंटनी और तालाबंदी की नौबत आ सकती है।
एशियाई देशों के लिए नए टैरिफ रेट (फरवरी 2026)
| देश | नया अमेरिकी टैरिफ | स्थिति |
|---|---|---|
| भारत | 18% | सबसे मजबूत (Deal Winner) |
| पाकिस्तान | 19% | भारत से महंगा |
| वियतनाम | 19% | कड़ी प्रतिस्पर्धा |
| बांग्लादेश | 20% | बड़ा घाटा (Big Loss) |
| चीन | 34% | सबसे अलग-थलग |
क्या है ट्रंप का 'विन-विन' फॉर्मूला?
ट्रंप ने साफ किया है कि भारत को यह राहत पीएम मोदी के साथ उनकी गहरी दोस्ती और भारत द्वारा किए गए कुछ बड़े वादों के बदले मिली है:
रूसी तेल पर पाबंदी: भारत अब रूस से तेल खरीदना बंद कर अमेरिका से ऊर्जा आयात बढ़ाएगा।
जीरो टैरिफ का वादा: भारत भी अमेरिकी कृषि और तकनीकी उत्पादों पर अपने टैरिफ 'जीरो' करने की दिशा में काम करेगा।