Ministry of Law : सरकारी वकीलों की फीस में भारी बढ़ोतरी केंद्र सरकार ने बदला नियम
News India Live, Digital Desk : केंद्र सरकार ने देश के शीर्ष विधि अधिकारियों (Law Officers) को बड़ी सौगात दी है। सरकार ने अटॉर्नी जनरल (AG), सॉलिसिटर जनरल (SG) और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) की फीस संरचना में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए उनकी फीस में भारी बढ़ोतरी की है। कई वर्षों के अंतराल के बाद किए गए इस संशोधन का उद्देश्य शीर्ष कानूनी विशेषज्ञों को सरकारी प्रतिनिधित्व के लिए उचित प्रोत्साहन देना है।
लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, विधि मंत्रालय (Ministry of Law and Justice) ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है, जिससे अब सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में सरकार का पक्ष रखने वाले वकीलों की प्रति सुनवाई कमाई बढ़ जाएगी।
1. अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल को अब क्या मिलेगा?
संशोधित नियमों के अनुसार, देश के सबसे बड़े विधि अधिकारी यानी अटॉर्नी जनरल और सॉलीसिटर जनरल की फीस में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है:
प्रति सुनवाई फीस: अब सुप्रीम कोर्ट में किसी भी मामले की प्रभावी सुनवाई (Effective Hearing) के लिए उन्हें दी जाने वाली फीस को पहले के मुकाबले काफी बढ़ा दिया गया है।
परामर्श और राय (Opinion): किसी विशेष कानूनी मुद्दे पर लिखित राय देने के लिए भी अब ये अधिकारी अधिक मानदेय के हकदार होंगे।
2. क्यों लिया गया यह फैसला?
केंद्र सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि निजी प्रैक्टिस करने वाले दिग्गज वकीलों के मुकाबले सरकारी वकीलों की फीस के अंतर को कम किया जा सके।
प्रतिभा को आकर्षित करना: बढ़ी हुई फीस के माध्यम से सरकार बेहतरीन कानूनी प्रतिभाओं को सरकारी पदों पर काम करने के लिए प्रेरित करना चाहती है।
महंगाई और समय की मांग: पिछली बार फीस में संशोधन काफी समय पहले हुआ था, जिसे वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप बदला गया है।
3. अन्य विधि अधिकारियों (ASG) को भी लाभ
न केवल शीर्ष दो पदों, बल्कि एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) और अन्य सरकारी वकीलों के लिए भी शुल्क तालिका (Fee Scale) को अपडेट किया गया है:
हाई कोर्ट और ट्रिब्यूनल: जो अधिकारी विभिन्न उच्च न्यायालयों और ट्रिब्यूनल में केंद्र का पक्ष रखते हैं, उनके लिए भी अब नई दरें लागू होंगी।
विविध खर्च: अदालती कार्यवाही के दौरान होने वाले अन्य छोटे खर्चों और क्लर्क शुल्क में भी मामूली वृद्धि की गई है।
4. क्या होती है अटॉर्नी जनरल की भूमिका?
अटॉर्नी जनरल भारत सरकार के मुख्य कानूनी सलाहकार होते हैं। वे न केवल सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण संवैधानिक मामलों में सरकार का प्रतिनिधित्व करते हैं, बल्कि संसद की कार्यवाही में भी भाग लेने का अधिकार रखते हैं (बिना मतदान के)।