भारत ने यह छूट कमाई है रूसी तेल पर लिंडसे ग्राहम का बड़ा बयान, ट्रंप-मोदी डील को बताया मास्टरस्ट्रोक

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News India Live, Digital Desk : अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का स्वागत करते हुए कहा है कि भारत ने टैरिफ में 25% से घटाकर 18% की राहत "कमाई" (Earned) है। ग्राहम ने इस फैसले को सीधे तौर पर रूस-यूक्रेन युद्ध और भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद में की गई कटौती से जोड़ा है। उनका मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह कदम पुतिन की 'वॉर मशीन' को आर्थिक रूप से कमजोर करने की दिशा में एक बड़ी चोट है।

ग्राहम का ट्वीट: "Well played, President Trump"

लिंडसे ग्राहम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राष्ट्रपति ट्रंप की रणनीति की सराहना करते हुए लिखा:

युद्ध खत्म करने का रास्ता: ग्राहम के अनुसार, पुतिन को बातचीत की मेज पर तभी लाया जा सकता है जब उनके सबसे बड़े तेल खरीदार (जैसे भारत) अपना रुख बदलें।

भारत का आचरण: उन्होंने कहा कि भारत ने अपने व्यवहार और निर्णयों से साबित कर दिया है कि वह वैश्विक शांति के लिए प्रतिबद्ध है, इसलिए वह इस टैरिफ कटौती का हकदार है।

अन्य देशों को संदेश: ग्राहम ने उम्मीद जताई कि चीन और ब्राजील जैसे अन्य बड़े देश भी भारत के नक्शेकदम पर चलेंगे और रूस से ऊर्जा आयात बंद करेंगे।

लिंडसे ग्राहम के रुख में क्यों आया बदलाव?

समयग्राहम का रुखमुख्य मांग/दावा
जनवरी 2026कड़ा विरोधरूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 500% टैरिफ लगाने का बिल पेश किया।
2 फरवरी 2026समर्थनमोदी-ट्रंप डील के बाद 18% टैरिफ का स्वागत किया।
कारणरणनीतिक जीतभारत का कथित तौर पर रूस से तेल खरीदना बंद कर अमेरिका से तेल खरीदने का वादा।

भू-राजनीतिक निहितार्थ: 'पुतिन पर बढ़ता दबाव'

ग्राहम का तर्क है कि भारत द्वारा रूसी तेल का त्याग करना यूक्रेन में "रक्तपात" (Bloodbath) को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।

आर्थिक घेराबंदी: रूस की आय का सबसे बड़ा स्रोत तेल निर्यात है। भारत जैसे बड़े बाजार का हाथ खींचना रूस के लिए बड़ा झटका होगा।

अमेरिकी ऊर्जा की बढ़त: इस डील के तहत भारत अब अमेरिका से $500 बिलियन की ऊर्जा, कोयला और कृषि उत्पाद खरीदेगा, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।