कांग्रेस बताए वह असमिया लोगों के साथ है या मियां के ,सीएम हिमंता बिस्वा सरमा का विपक्ष पर बड़ा हमला
News India Live, Digital Desk : असम के मुख्यमंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने एक बार फिर अपने तीखे बयानों से राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पार्टी को सीधे निशाने पर लेते हुए एक बड़ी चुनौती पेश की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अब अपना रुख स्पष्ट करना होगा कि वह असम के मूल निवासियों यानी 'असमिया' लोगों के साथ खड़ी है या फिर 'मियां' (Miyan) समुदाय के साथ।
लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, सीएम सरमा का यह बयान असम में जनसांख्यिकीय बदलाव और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा को लेकर छिड़ी बहस के बीच आया है।
1. क्या है हिमंता बिस्वा सरमा का पूरा बयान?
एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा:"कांग्रेस हमेशा से ही वोट बैंक की राजनीति करती आई है। अब समय आ गया है जब उन्हें राज्य की जनता को यह बताना चाहिए कि उनकी प्राथमिकता क्या है। क्या वे असम की संस्कृति और यहां के मूल लोगों के अधिकारों की रक्षा करना चाहते हैं, या वे उन लोगों का समर्थन कर रहे हैं जो राज्य की पहचान के लिए खतरा बन रहे हैं?"
2. 'मियां' शब्द पर क्यों मचा है बवाल?
असम की राजनीति में 'मियां' शब्द का इस्तेमाल आमतौर पर उन बंगाली भाषी मुसलमानों के लिए किया जाता है जो मूल रूप से बांग्लादेश से आकर यहां बसे हैं। हिमंता बिस्वा सरमा अक्सर इस समुदाय के सांस्कृतिक विस्तार को असमिया पहचान के लिए चुनौती बताते रहे हैं। हाल के दिनों में मियां समुदाय द्वारा अपनी अलग पहचान (जैसे मियां म्यूजियम या मियां कविता) स्थापित करने की कोशिशों का मुख्यमंत्री ने कड़ा विरोध किया है।
3. कांग्रेस की घेराबंदी और 2026 की तैयारी
विशेषज्ञों का मानना है कि सीएम सरमा का यह हमला आगामी राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखकर किया गया है।
ध्रुवीकरण की राजनीति: भाजपा लगातार असमिया अस्मिता (Assamese Identity) के मुद्दे को उठाकर कांग्रेस को बैकफुट पर धकेलने की कोशिश कर रही है।
विपक्ष का पलटवार: कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए समाज को बांटने वाले बयान दे रहे हैं।
4. असमिया अस्मिता बनाम घुसपैठ का मुद्दा
हिमंता बिस्वा सरमा की सरकार ने हाल ही में राज्य में बाल विवाह, भूमि अधिकार और मंदिरों के पास जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर कई कड़े कानून बनाए हैं। मुख्यमंत्री का तर्क है कि ये कदम "असमिया लोगों" के हितों की रक्षा के लिए उठाए गए हैं, जबकि विपक्ष इसे एक विशेष वर्ग को निशाना बनाने की रणनीति करार देता है।