मामूली दर्द और दवा का ये बड़ा जोखिम? सरकार ने इस लोकप्रिय पेनकिलर पर लगाया हमेशा के लिए ताला
News India Live, Digital Desk : आज 1 जनवरी, 2026 की शुरुआत जहाँ खुशियों से हो रही है, वहीं स्वास्थ्य के मोर्चे पर एक बड़ी चेतावनी भी सामने आई है। हममें से बहुत से लोग डॉक्टर की सलाह लिए बिना ही केमिस्ट के पास जाते हैं और दर्द के लिए कोई भी टैबलेट माँग लेते हैं। इन्हीं में से एक काफी पॉपुलर नाम था 'निमेसुलाइड'।
सरकार ने क्यों लिया ये बड़ा फैसला?
स्वास्थ्य मंत्रालय और विशेषज्ञों की टीम काफी समय से इस दवा के शरीर पर पड़ने वाले असर की जाँच कर रही थी। जाँच में पाया गया कि 'निमेसुलाइड' की 100 मिलीग्राम वाली टैबलेट हमारे लिवर (Liver) और शरीर के अन्य अंगों पर बहुत बुरा असर डाल सकती है। कई मामलों में तो इसके गंभीर 'साइड इफेक्ट्स' देखने को मिले हैं, जो जानलेवा भी साबित हो सकते हैं।
हैरानी की बात यह है कि दुनिया के कई विकसित देशों में इस दवा पर सालों पहले ही पाबंदी लग चुकी थी। अब भारत सरकार ने भी लोगों की जान की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे बाज़ार से बाहर करने का सख्त आदेश दिया है।
अब क्या करें?
अक्सर हमारे घर की दवा वाली अलमारी में पुरानी रखी गोलियां पड़ी रहती हैं। आज ही अपनी दवाइयों को चेक करें। अगर उस स्ट्रिप पर 'Nimesulide 100mg' लिखा है, तो उसे खुद से लेना तुरंत बंद कर दें। याद रखें, हल्का दर्द दूर करने की कोशिश आपके शरीर को बड़ा नुकसान पहुँचा सकती है।
बिना सलाह दवाई लेने की आदत बदलें
ये खबर हम सभी के लिए एक सबक की तरह है। अब डॉक्टर इस दवा को प्रेस्क्रिप्शन में नहीं लिख पाएंगे और न ही दवा की दुकानों पर इसकी बिक्री होगी। अगर आपको कोई पुराना दर्द है या भविष्य में ज़रूरत पड़े, तो हमेशा अपने डॉक्टर से विकल्प के तौर पर दूसरी सुरक्षित दवाइयों के बारे में पूछें। पेरासिटामोल जैसे विकल्प मौजूद हैं, लेकिन उन्हें भी बिना सलाह के बार-बार लेना सही नहीं है।
खुद के डॉक्टर बनने के बजाय विशेषज्ञों की सुनें। आपकी सेहत आपकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। इस साल का पहला संकल्प क्यों न यही लें कि हम बिना डॉक्टरी मशवरे के कोई भी गोली नहीं खाएंगे?