फरसा वाले बाबा की हत्या पर उग्र हुआ मथुरा DIG की समझाइश भी फेल, भीड़ ने SDM की गाड़ी पर किया पथराव
News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में 'फरसा वाले बाबा' की निर्मम हत्या के बाद पैदा हुआ जनाक्रोश अब हिंसक रूप अख्तियार कर चुका है। कोसीकलां क्षेत्र में स्थिति उस समय बेकाबू हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। डीआईजी (DIG) और वरिष्ठ अधिकारियों के घंटों समझाने-बुझाने के बावजूद भीड़ शांत नहीं हुई और उग्र प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम (SDM) की गाड़ी पर पथराव कर दिया। पथराव में सरकारी वाहन के शीशे टूट गए और कई अधिकारियों को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा। पूरे इलाके में तनाव चरम पर है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
डीआईजी की अपील का नहीं हुआ असर
हत्याकांड के बाद नेशनल हाईवे पर डटे हजारों लोगों को शांत करने के लिए खुद डीआईजी रेंज और जिले के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे।
वार्ता विफल: अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही गिरफ्तारी होगी, लेकिन ग्रामीण तत्काल कार्रवाई और मौके पर ही ठोस नतीजों की मांग पर अड़े रहे।
नारेबाजी और गुस्सा: बाबा के अनुयायियों और स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर पुलिस गंभीर नहीं है।
एसडीएम की गाड़ी पर हमला और भगदड़
जब प्रशासन ने हाईवे खुलवाने की कोशिश की, तो भीड़ हिंसक हो गई।
पथराव: अचानक भीड़ की ओर से पथराव शुरू हो गया। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम की गाड़ी को घेर लिया और पत्थरों से हमला कर दिया। हमले के दौरान अधिकारियों ने बमुश्किल अपनी जान बचाई।
लाठीचार्ज: स्थिति को बिगड़ते देख पुलिस को मजबूरन बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ने की कोशिश की, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई।
हाईवे पर संग्राम: दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। उपद्रवियों ने सड़क पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया और कई अन्य वाहनों को भी क्षति पहुंचाने की कोशिश की।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई और गिरफ्तारियां
मथुरा पुलिस अब उपद्रवियों के खिलाफ सख्त रुख अपना रही है।
वीडियो फुटेज से पहचान: पुलिस पथराव और आगजनी करने वाले उपद्रवियों की पहचान के लिए ड्रोन और स्थानीय वीडियो फुटेज खंगाल रही है।
मुकदमा दर्ज: सरकारी कार्य में बाधा डालने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में सैकड़ों अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पीएसी की तैनाती: क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीएसी (PAC) की कई कंपनियां तैनात की गई हैं। कोसीकलां और आसपास के गांवों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है।
क्या है 'फरसा वाले बाबा' हत्याकांड?
ज्ञात हो कि कोसीकलां के एक आश्रम में रहने वाले बुजुर्ग संत, जिन्हें लोग 'फरसा वाले बाबा' के नाम से जानते थे, की अज्ञात हमलावरों ने गला रेतकर हत्या कर दी थी। बाबा की लोकप्रियता और उनके प्रति लोगों की गहरी आस्था के कारण इस घटना ने सांप्रदायिक और सामाजिक रूप से संवेदनशील मोड़ ले लिया है।