मणिशंकर अय्यर के लेफ्ट प्रेम ने बढ़ाई कांग्रेस की टेंशन, मुख्यमंत्री के लिए कर दी ऐसी भविष्यवाणी, पार्टी में मची खलबली
News India Live, Digital Desk: कांग्रेस के वरिष्ठ और अक्सर अपने बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले नेता मणिशंकर अय्यर एक बार फिर अपनी ही पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहे हैं। इस बार विवाद का कारण बना है उनका एक 'लेफ्ट' नेता के प्रति प्रेम और उनके भविष्य को लेकर की गई एक बड़ी भविष्यवाणी। अय्यर के इस बयान ने न केवल गठबंधन की राजनीति बल्कि कांग्रेस की अंदरूनी रणनीति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या कहा मणिशंकर अय्यर ने?
एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मणिशंकर अय्यर ने वामपंथी विचारधारा के एक प्रमुख नेता (Left Leader) की जमकर तारीफ की। उन्होंने न केवल उनके काम करने के तरीके को सराहा, बल्कि यहाँ तक दावा कर दिया कि "उन्हें ही मुख्यमंत्री (CM) बने रहना चाहिए।" अय्यर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में कांग्रेस और लेफ्ट के बीच सीटों के बंटवारे और नेतृत्व को लेकर खींचतान चल रही है।
कांग्रेस आलाकमान की प्रतिक्रिया: 'निजी विचार' या 'अनुशासनहीनता'?
अय्यर के इस बयान के तुरंत बाद कांग्रेस मुख्यालय में हलचल तेज हो गई। पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ताओं ने इस पर सधी हुई प्रतिक्रिया देते हुए इसे मणिशंकर अय्यर का "निजी विचार" करार दिया है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की टिप्पणियों से बचना चाहिए, जिससे गठबंधन के साथियों या प्रतिद्वंद्वियों को गलत संदेश जाए।
विपक्ष को मिला मुद्दा
भाजपा और अन्य विपक्षी दलों ने अय्यर के इस बयान को हाथों-हाथ लिया है। उनका तर्क है कि कांग्रेस के भीतर ही नेतृत्व को लेकर स्पष्टता नहीं है और उनके अपने नेता ही दूसरे दलों के मुख्यमंत्रियों को अपनी पसंद बता रहे हैं।
अय्यर और विवादों का पुराना नाता
यह पहली बार नहीं है जब मणिशंकर अय्यर के बयानों ने कांग्रेस को बैकफुट पर धकेला हो। इससे पहले भी उनके कई बयानों पर चुनावी रैलियों में बवाल मच चुका है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अय्यर का यह 'लेफ्ट प्रेम' केरल या पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ताओं का मनोबल कमजोर कर सकता है।