बाबर के आउट होने पर मचा बवाल फैंस ने विराट कोहली से तुलना कर सोशल मीडिया पर किया ट्रोल, जानें क्या है पूरा विवाद

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News India Live, Digital Desk : कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए हाई-वोल्टेज मुकाबले में जब पाकिस्तान को अपने कप्तान बाबर आजम से एक बड़ी पारी की उम्मीद थी, तब वे मात्र 13 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उनके आउट होने के बाद से ही सोशल मीडिया पर 'फ्यूरोर' (गुस्सा और शोर) देखने को मिल रहा है। प्रशंसक और आलोचक अब उनकी तुलना विराट कोहली के उस क्लासिक अंदाज से कर रहे हैं, जो वे बड़े मैचों में दिखाते हैं।

कैसे आउट हुए बाबर आजम?

बाबर आजम भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की एक अंदर आती गेंद (In-swinger) को पढ़ने में पूरी तरह विफल रहे। गेंद उनके पैड्स पर लगी और अंपायर ने उन्हें एलबीडब्ल्यू (LBW) करार दिया। हालांकि बाबर ने रिव्यू लिया, लेकिन 'अंपायर्स कॉल' के चलते उन्हें आउट होकर वापस जाना पड़ा।

विराट कोहली से तुलना और विवाद (The Comparison)

मैच के बाद ट्विटर (X) पर क्रिकेट फैंस ने बाबर आजम और विराट कोहली के आंकड़ों और 'बड़े मैच के स्वभाव' की तुलना शुरू कर दी:

प्रेशर हैंडलिंग: फैंस का तर्क है कि जहां विराट कोहली पाकिस्तान के खिलाफ दबाव की स्थिति में निखर कर आते हैं (जैसे 2022 वर्ल्ड कप की 82* रनों की पारी), वहीं बाबर आजम भारत के खिलाफ बड़े मौकों पर अक्सर सस्ते में आउट हो जाते हैं।

टेक्निक पर सवाल: कई विशेषज्ञों ने कहा कि बाबर की टेक्निक बुमराह जैसे विश्व स्तरीय गेंदबाजों के सामने एक्सपोज हो रही है, जबकि कोहली ने अपने करियर में ऐसी चुनौतियों का डटकर सामना किया है।

स्ट्राइक रेट: बाबर के 13 रनों के लिए 15 गेंदें खेलने पर भी सवाल उठाए गए, जबकि विराट कोहली को एक 'फिनिशर' और 'गेम-चेंजिंग' खिलाड़ी के रूप में पेश किया गया।

सोशल मीडिया पर आई मीम्स की बाढ़

बाबर के आउट होते ही सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई। प्रशंसकों ने लिखा, "किंग (कोहली) और बाबर में यही फर्क है कि किंग मुश्किल वक्त में खड़ा होता है।" वहीं पाकिस्तानी फैंस अपने कप्तान के बचाव में उतरे, लेकिन भारत के खिलाफ हार के गम ने आलोचकों को ज्यादा मौका दे दिया।

एक्सपर्ट्स की राय

पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि बाबर आजम पर कप्तानी और टीम की उम्मीदों का इतना बोझ है कि वे अपनी स्वाभाविक बल्लेबाजी भूल रहे हैं। भारत के खिलाफ उनकी पिछली 5 पारियों में कोई भी अर्धशतक न होना उनके गिरते आत्मविश्वास को दर्शाता है।