Raipur GATE Scam : रायपुर में GATE परीक्षा में सेंध लगाने की कोशिश नाकाम, रिमोट एक्सेस से हल कर रहे थे पेपर, 6 गिरफ्तार

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News India Live, Digital Desk : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मुजगहन थाना क्षेत्र में स्थित एक निजी कॉलेज के परीक्षा केंद्र पर बड़ी कार्रवाई हुई है। 'ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग' (GATE) जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सिस्टम को हैक कर पेपर सॉल्व करने की कोशिश की जा रही थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने मौके पर छापेमारी कर इस रैकेट का खुलासा किया।

धोखाधड़ी का 'हाई-टेक' तरीका (Modus Operandi)

आरोपियों ने परीक्षा में नकल के लिए किसी साधारण पर्ची का नहीं, बल्कि रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर का उपयोग किया था।

रिमोट एक्सेस: गिरोह ने परीक्षा केंद्र के कंप्यूटरों में चोरी-छिपे ऐसा सॉफ्टवेयर डाल दिया था, जिससे परीक्षा हॉल के बाहर बैठा व्यक्ति कंप्यूटर की स्क्रीन देख सकता था और सवालों को हल कर सकता था।

सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल: 'AnyDesk' या 'TeamViewer' जैसे लेजिटिमेट टूल्स के मॉडिफाइड वर्जन का उपयोग कर सिस्टम का कंट्रोल लिया गया था।

नेटवर्क सेटअप: केंद्र के भीतर ही कुछ स्थानीय कर्मचारियों की मिलीभगत से एक अलग नेटवर्क तैयार किया गया था ताकि मुख्य सर्वर को इसकी भनक न लगे।

गिरफ्तारी और बरामदगी

पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड समेत कुल 6 लोगों को हिरासत में लिया है।

मास्टरमाइंड: गैंग का मुख्य सरगना, जो दूसरे राज्यों से इस गिरोह का संचालन कर रहा था।

स्थानीय सहयोगी: परीक्षा केंद्र के कुछ कर्मचारी और टेक्निकल स्टाफ, जिन्होंने सिस्टम तक पहुंच प्रदान की।

बरामदगी: पुलिस ने मौके से कई लैपटॉप, हाई-स्पीड इंटरनेट डोंगल, मोबाइल फोन और कुछ परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड बरामद किए हैं।

उम्मीदवारों से वसूले गए लाखों रुपये

शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि यह गिरोह एक परीक्षार्थी से पेपर हल कराने के बदले 5 से 10 लाख रुपये तक वसूलता था। आरोपियों ने कई उम्मीदवारों को झांसा दिया था कि वे बिना किसी मेहनत के उन्हें टॉप रैंक दिला देंगे।

पुलिस और प्रशासन का रुख

रायपुर एसएसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब उन परीक्षार्थियों की भी पहचान कर रही है जिन्होंने इस गिरोह से संपर्क साधा था। साथ ही, परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था (IIT) को भी इस सेंधमारी की तकनीकी जानकारी साझा की गई है।