Kirodi Lal Meena Statement : बेईमानी करना जाने, वो राजनेता है, मैं वैसा नहीं हूं' किरोड़ी लाल मीणा का राजनीति पर बड़ा वार

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News India Live, Digital Desk : राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने राजनीति की नई परिभाषा गढ़ते हुए सत्ता के गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। रविवार को सवाई माधोपुर के इटावा गांव में एक पद दंगल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे आज के पारंपरिक 'राजनेताओं' की श्रेणी में नहीं आते।

बयान की मुख्य बातें (Key Highlights)

राजनीति की परिभाषा: डॉ. मीणा ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, "आज के समय में जो बेईमानी करना जाने, वही असली राजनेता माना जाता है। लेकिन मैं वैसा राजनेता नहीं हूं। मैं पापी या मन से बेईमान व्यक्ति नहीं हूं।"

अहंकार से दूरी: उन्होंने कहा कि विधायक या मंत्री बनने का उनके मन में कभी कोई घमंड नहीं रहा। वे हमेशा जनता के बीच रहकर काम करने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि कभी-कभी वे गुस्सा होकर डांट जरूर देते हैं, लेकिन उनके मन में किसी के प्रति द्वेष नहीं रहता।

आरक्षण पर स्टैंड: इसी कार्यक्रम में उन्होंने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वे आरक्षण का बाल भी बांका नहीं होने देंगे। उनके इस बयान का वहां मौजूद भीड़ ने तालियों के साथ स्वागत किया।

षड्यंत्रों का जिक्र: मंत्री ने इशारों-इशारों में कहा कि उनके राजनीतिक जीवन में कई बार उन्हें 'चक्रव्यूह' में फंसाने की कोशिश की गई, लेकिन जनता के प्यार ने उन्हें हर बार बाहर निकाला।

सियासी मायने

किरोड़ी लाल मीणा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वे अक्सर अपनी ही सरकार के खिलाफ या व्यवस्था के खिलाफ बोलने के कारण चर्चा में रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि:

ईमानदार छवि: वे खुद को एक 'सिद्धांतवादी नेता' के रूप में पेश कर रहे हैं जो भ्रष्टाचार के खिलाफ है।

जनता से जुड़ाव: वे यह संदेश देना चाहते हैं कि पद उनके लिए जनता की सेवा का जरिया है, न कि निजी लाभ का।

भविष्य के संकेत?

गौरतलब है कि हाल ही में उनके 2026 में मंत्री पद छोड़ने की संभावनाओं को लेकर भी चर्चा हुई थी, जहाँ उन्होंने कहा था कि युवाओं को मौका मिलना चाहिए। ऐसे में उनके ताज़ा बयानों को उनके राजनीतिक सन्यास या किसी बड़ी भूमिका के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है।