Mangal Shani Yuti 2026: मीन राशि में मंगल-शनि का 'महाविनाशकारी' संयोग, इन 3 राशियों पर टूटेगा दुखों का पहाड़; जानें बचने के उपाय

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नई दिल्ली/ज्योतिष डेस्क। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का गोचर और उनकी युति मानव जीवन पर गहरा प्रभाव डालती है। वर्ष 2026 की शुरुआत में ही एक ऐसा दुर्लभ लेकिन खतरनाक संयोग बनने जा रहा है, जिसे ज्योतिषविद 'द्वंद्व योग' का नाम दे रहे हैं। साहस और पराक्रम के कारक मंगल जब न्याय के देवता शनि के साथ एक ही राशि में बैठते हैं, तो वह स्थिति काफी विस्फोटक मानी जाती है। 2 अप्रैल 2026 को मंगल का गोचर मीन राशि में होने जा रहा है, जहाँ शनि देव पहले से ही विराजमान हैं।

मीन राशि में बनेगा 'द्वंद्व योग': 39 दिनों तक रहेगा भारी तनाव

मंगल 2 अप्रैल को मीन राशि में प्रवेश करेंगे और 11 मई 2026 तक इसी राशि में शनि के साथ युति बनाएंगे। अग्नि तत्व के ग्रह मंगल और वायु तत्व के ग्रह शनि की यह जुगलबंदी मीन जैसी जल तत्व की राशि में होने से मानसिक और वैश्विक स्तर पर बड़ी उथल-पुथल मचा सकती है। यह योग विशेष रूप से तीन राशियों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा।

इन 3 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान

1. मिथुन राशि: कार्यक्षेत्र में बढ़ सकती हैं मुश्किलें

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह युति किसी बड़ी चुनौती की तरह आएगी। आपके स्वभाव में अनावश्यक क्रोध और अहंकार की वृद्धि हो सकती है। कार्यस्थल पर सहकर्मियों या उच्च अधिकारियों के साथ विवाद होने के प्रबल संकेत हैं। आवेश में आकर लिया गया कोई भी फैसला आपकी मेहनत पर पानी फेर सकता है। धन के मामले में भी हाथ तंग रह सकता है।

2. धनु राशि: आर्थिक झटके और संपत्ति विवाद के संकेत

धनु राशि वालों के लिए मंगल-शनि का यह संयोग प्रतिकूल फलदायी रहेगा। आपका धैर्य डगमगा सकता है, जिसका सीधा असर आपके व्यापार और निवेश पर पड़ेगा। इस दौरान किसी को भी उधार देने से बचें, क्योंकि पैसा वापस मिलने की उम्मीद न के बराबर है। पैतृक संपत्ति को लेकर परिवार में तनाव या कानूनी अड़चनें पैदा हो सकती हैं।

3. मीन राशि: सेहत और दुर्घटना का मंडराएगा खतरा

चूँकि यह युति आपकी अपनी ही राशि में बन रही है, इसलिए सबसे अधिक प्रभाव आप पर ही देखने को मिलेगा। मानसिक अशांति और बिना वजह का चिड़चिड़ापन आपके रिश्तों को प्रभावित कर सकता है। ज्योतिषियों की सलाह है कि इस अवधि (2 अप्रैल से 11 मई) के बीच वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें। स्वास्थ्य संबंधी पुरानी समस्याएं फिर से उभर सकती हैं।

सावधानी और बचाव के उपाय

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब मंगल और शनि का क्रूर संयोग बने, तो कुछ विशेष उपायों के जरिए इसके नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकता है:

हनुमान चालीसा का पाठ: प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें, क्योंकि बजरंगबली मंगल और शनि दोनों के प्रकोप को शांत करते हैं।

शनिवार को दान: शनिवार के दिन काली उड़द, तिल या लोहे का दान करना लाभकारी रहेगा।

क्रोध पर नियंत्रण: इस दौरान योग और ध्यान का सहारा लें ताकि मन शांत रहे और विवाद की स्थिति न बने।

शिव उपासना: महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) पर की गई विशेष पूजा भी आने वाले इस खराब समय से रक्षा कर सकती है।