Rahul Gandhi on farmers : किसानों के भविष्य पर कोई समझौता मंजूर नहीं, किसान नेताओं से मुलाकात के बाद सरकार को घेरा

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News India Live, Digital Desk: विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक बार फिर किसानों के मुद्दे पर आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। हाल ही में विभिन्न राज्यों से आए प्रमुख किसान नेताओं (Farmer Leaders) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करने के बाद राहुल गांधी ने स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस पार्टी किसानों के अधिकारों और उनके भविष्य के साथ किसी भी तरह का 'सौदा' या समझौता बर्दाश्त नहीं करेगी।

बैठक की बड़ी बातें: क्या हुई चर्चा?

इस मुलाकात के दौरान किसानों ने अपनी पुरानी मांगों और खेती-किसानी से जुड़ी नई चुनौतियों को राहुल गांधी के सामने रखा। बैठक के मुख्य बिंदु रहे:

MSP की कानूनी गारंटी: किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी दर्जा देने की अपनी मांग को दोहराया।

कर्ज माफी और न्याय: खेती की बढ़ती लागत और कर्ज के बोझ तले दबे किसानों के लिए ठोस राहत की मांग की गई।

भूमि अधिग्रहण: भूमि अधिग्रहण कानून में बदलाव और किसानों को मिलने वाले मुआवजे पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

'अन्नदाता' के साथ खड़े राहुल गांधी

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया और प्रेस के जरिए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार चंद पूंजीपतियों के फायदे के लिए किसानों के हितों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संसद से लेकर सड़क तक किसानों की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा।

"देश का किसान भारत की रीढ़ है। उनके भविष्य के साथ कोई भी समझौता करना देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है।" — राहुल गांधी

सियासी गलियारों में हलचल

विशेषज्ञों का मानना है कि राहुल गांधी का किसान नेताओं से सीधे संवाद करना आने वाले चुनावों और संसद के आगामी सत्र के लिए एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है। विपक्ष इस मुद्दे के जरिए ग्रामीण मतदाताओं को एकजुट करने की कोशिश में है।