किताबों से दोस्ती करें, सोशल मीडिया से दूरी CM योगी ने बच्चों को दिया सफलता का महामंत्र, बताया डिजिटल दुनिया का असली खतरा

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News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूली बच्चों और युवाओं को एक बेहद खास सलाह दी है। एक कार्यक्रम के दौरान बच्चों से संवाद करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जीवन में असली ज्ञान किताबों से ही मिलता है, न कि रील और सोशल मीडिया से। उन्होंने बच्चों को आगाह किया कि सोशल मीडिया का उपयोग केवल जरूरत पड़ने पर ही करें, वरना यह आपकी एकाग्रता और भविष्य दोनों को नुकसान पहुँचा सकता है।

स्मार्टफोन नहीं, किताबें बदलेंगी भविष्य

सीएम योगी ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि आजकल बच्चे अपना कीमती समय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बिता रहे हैं, जो उनकी रचनात्मकता (Creativity) को कम कर रहा है। उन्होंने कहा:

"सोशल मीडिया सूचना का माध्यम हो सकता है, लेकिन संस्कार और गहरा ज्ञान आपको किताबों के पन्नों में ही मिलेगा। अपनी दिनचर्या में पढ़ने की आदत डालें।"

CM योगी की बच्चों के लिए 3 बड़ी बातें:

जरूरत पर ही करें तकनीक का इस्तेमाल: तकनीक का गुलाम न बनें, बल्कि उसे अपनी प्रगति के लिए एक टूल की तरह इस्तेमाल करें।

फिजिकल एक्टिविटी पर फोकस: मोबाइल स्क्रीन पर गेम खेलने के बजाय मैदान में जाकर खेलें, जिससे शारीरिक और मानसिक विकास हो सके।

लाइब्रेरी से जुड़ें: मुख्यमंत्री ने शिक्षकों और अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों को पुस्तकालय (Library) जाने के लिए प्रेरित करें।

डिजिटल डिटॉक्स की ओर कदम

योगी आदित्यनाथ का यह बयान ऐसे समय में आया है जब 'स्क्रीन एडिक्शन' बच्चों में एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। सरकार की मंशा है कि राज्य के युवा डिजिटल रूप से साक्षर तो हों, लेकिन अपनी सांस्कृतिक जड़ों और शिक्षा के पारंपरिक मूल्यों को न भूलें। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि अगर युवा पीढ़ी किताबों की ओर लौटेगी, तो उत्तर प्रदेश और भारत का भविष्य और भी उज्ज्वल होगा।