Maharashtra Politics : NCP ने 31 जनवरी को बुलाई विधायक दल की बैठक, सुनेत्रा पवार बन सकती हैं नई नेता
News India Live, Digital Desk : अजित पवार के निधन के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों पर अब विराम लगता नजर आ रहा है। पार्टी ने आगामी 31 जनवरी को मुंबई में अपने विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से एनसीपी विधायक दल का नेता चुना जा सकता है।
बैठक का एजेंडा: नेतृत्व पर मुहर
अजित पवार के जाने के बाद पार्टी के 41 विधायकों को एकजुट रखना सबसे बड़ी चुनौती है।
सुनेत्रा पवार का नाम क्यों? पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि सुनेत्रा पवार को कमान सौंपने से 'पवार' परिवार की विरासत भी बनी रहेगी और विधायकों के बीच भी स्वीकार्यता बनी रहेगी।
उपमुख्यमंत्री पद पर चर्चा: चर्चा यह भी है कि यदि वे विधायक दल की नेता चुनी जाती हैं, तो उन्हें महायुति सरकार में उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी भी दी जा सकती है।
एनसीपी (अजित गुट) की वर्तमान स्थिति
| पद | वर्तमान/संभावित स्थिति |
|---|---|
| विधायक दल की बैठक | 31 जनवरी 2026 |
| संभावित नेता | सुनेत्रा पवार |
| मुख्य दावेदार | प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे (संगठनात्मक भूमिका में) |
| विधायकों की संख्या | 41 विधायक (अजित गुट) |
क्या शरद पवार गुट से बढ़ेगी नजदीकियां?
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब शरद पवार और अजित पवार के गुटों के बीच विलय की खबरें भी जोरों पर हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सुनेत्रा पवार का चयन एक 'सेफ कार्ड' हो सकता है, जो भविष्य में चाचा (शरद पवार) और भतीजे के गुटों के बीच पुल का काम कर सके।
सुनेत्रा पवार का राजनीतिक सफर
सुनेत्रा पवार लंबे समय से बारामती और आसपास के क्षेत्रों में सामाजिक कार्यों और राजनीति में सक्रिय रही हैं। हाल ही में उन्होंने सुप्रिया सुले के खिलाफ लोकसभा चुनाव भी लड़ा था। हालांकि वे चुनाव हार गई थीं, लेकिन अजित पवार के संगठन पर उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। अब पति के निधन के बाद, वे सीधे तौर पर पार्टी की मुख्यधारा की कमान संभालने की ओर बढ़ रही हैं।