Magnesium Deficiency : मांसपेशियों की अकड़न से लेकर थकान तक, शरीर में मैग्नीशियम की कमी और अधिकता के ये हैं बड़े संकेत
News India Live, Digital Desk : शरीर को फिट और तंदुरुस्त रखने के लिए हम अक्सर प्रोटीन और विटामिन पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन सूक्ष्म खनिजों (Minerals) को नजरअंदाज कर देते हैं। इन्ही जरूरी मिनरल्स में से एक है मैग्नीशियम (Magnesium)। यह हमारे शरीर के 300 से अधिक एंजाइम कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मांसपेशियों का लचीलापन, नसों के सिग्नल, हड्डियों की मजबूती और दिल की धड़कनों को संतुलित रखने के लिए मैग्नीशियम का सही स्तर होना अनिवार्य है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसकी कमी और अधिकता (Overdose), दोनों ही शरीर के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं?
शरीर के लिए क्यों जरूरी है मैग्नीशियम?
मैग्नीशियम हमारे शरीर का 'साइलेंट वर्कर' है। यह न केवल हड्डियों को कैल्शियम सोखने में मदद करता है, बल्कि एनर्जी प्रोडक्शन में भी सहायक है। इसकी सही मात्रा से:
मांसपेशियों को आराम मिलता है।
तनाव (Stress) और चिंता कम होती है।
नींद की गुणवत्ता में सुधार आता है।
हृदय की लय (Heart Rhythm) बनी रहती है।
मैग्नीशियम की अधिकता: जब 'अति' बन जाए मुसीबत
अक्सर लोग बिना डॉक्टरी सलाह के मैग्नीशियम सप्लीमेंट्स लेना शुरू कर देते हैं, जिससे शरीर में इसकी मात्रा जरूरत से ज्यादा बढ़ जाती है। इस स्थिति को 'हाइपरमैग्नीसीमिया' (Hypermagnesemia) कहा जाता है।
ज्यादा मैग्नीशियम के लक्षण:
पाचन संबंधी समस्या: जी मिचलाना, उल्टी और लगातार दस्त होना।
शारीरिक कमजोरी: मांसपेशियों में जरूरत से ज्यादा ढीलापन और कमजोरी महसूस होना।
हृदय और बीपी: ब्लड प्रेशर का अचानक गिर जाना (Low BP) और हार्ट बीट का धीमा हो जाना।
गंभीर संकेत: सांस लेने में तकलीफ और बेहोशी आना।
विशेष नोट: किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोगों में मैग्नीशियम की अधिकता का खतरा सबसे ज्यादा होता है, क्योंकि उनकी किडनी अतिरिक्त मैग्नीशियम को शरीर से बाहर नहीं निकाल पाती।
ज्यादा मैग्नीशियम से कैसे पाएं छुटकारा?
यदि आपको लगता है कि सप्लीमेंट्स की वजह से आपके शरीर में मैग्नीशियम बढ़ गया है, तो तुरंत ये कदम उठाएं:
सप्लीमेंट बंद करें: सबसे पहले किसी भी प्रकार के मैग्नीशियम सप्लीमेंट या एंटासिड का सेवन रोक दें।
हाइड्रेटेड रहें: खूब सारा पानी पिएं। पर्याप्त पानी पीने से किडनी के जरिए अतिरिक्त मैग्नीशियम मूत्र के मार्ग से बाहर निकल जाता है।
डॉक्टरी सलाह: यदि लक्षण गंभीर हैं, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। डॉक्टर कैल्शियम ग्लूकोनेट (Calcium Gluconate) जैसे उपचार या गंभीर मामलों में डायलिसिस की सलाह दे सकते हैं।
स्वस्थ रहने का मंत्र
मैग्नीशियम की कमी से बचने के लिए सप्लीमेंट के बजाय प्राकृतिक स्रोतों जैसे बादाम, पालक, कद्दू के बीज और डार्क चॉकलेट को अपनी डाइट में शामिल करें। प्राकृतिक भोजन से मैग्नीशियम की अधिकता होने का खतरा बहुत कम होता है।