लंबी बीमारी पीछा नहीं छोड़ रही? गुप्त नवरात्रि की अष्टमी पर सिर्फ 15 मिनट में ये उपाय करने से मिलेगा छुटकारा
News India Live, Digital Desk: हिंदू धर्म में एक साल में कुल चार नवरात्रि आती हैं दो प्रकट (चैत्र और शारदीय) और दो गुप्त (माघ और आषाढ़)। माघ माह में आने वाली नवरात्रि को माघ गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। यह समय उन साधकों के लिए खास होता है जो तंत्र-मंत्र, सिद्धि, या गुप्त रूप से माँ दुर्गा के उग्र स्वरूपों की उपासना करना चाहते हैं।
यह वह समय है जब माताएं और भक्त अपनी आर्थिक परेशानियों और लंबी बीमारियों से मुक्ति पाने के लिए गुप्त तरीके से पूजा और अनुष्ठान करते हैं।
गुप्त नवरात्रि कब से कब तक? (साल 2026)
माघ गुप्त नवरात्रि माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होती है और नवमी तिथि तक चलती है।
| विवरण | तिथि और दिन |
| गुप्त नवरात्रि प्रारंभ | सोमवार, 16 फरवरी 2026 (प्रतिपदा तिथि) |
| नवरात्रि समाप्त | मंगलवार, 24 फरवरी 2026 (नवमी तिथि) |
दो सबसे बड़े दिन: अष्टमी और नवमी (सबसे अचूक उपाय)
पूरे नौ दिनों की पूजा में अष्टमी (23 फरवरी) और नवमी (24 फरवरी) का दिन सबसे शक्तिशाली माना जाता है। इन दो दिनों में किए गए उपाय तुरंत और अचूक फल देते हैं।
1. पैसों की तंगी और रुका हुआ धन पाने के लिए उपाय (नवमी तिथि को)
अगर आपकी तिजोरी खाली है, पैसा आने के बावजूद टिक नहीं रहा है, या व्यवसाय में रुकावट आ गई है, तो गुप्त नवरात्रि की नवमी तिथि (24 फरवरी) को यह उपाय करें:
- नौ लौंग और कपूर का उपाय: नवमी की शाम को पूजा के बाद, नौ साबुत लौंग लें (जो टूटी न हों)। इसे थोड़ा सा कपूर (Camphor) और थोड़ी सी मिश्री (Sugar Candy) के साथ एक पीले कपड़े में बाँध दें। इसे माँ दुर्गा के चरणों में अर्पित करें और अगली सुबह यह पोटली अपनी तिजोरी या धन रखने वाले स्थान पर रख दें। माना जाता है कि इससे रुका हुआ पैसा तुरंत आने लगता है और घर में बरकत आती है।
2. गंभीर बीमारी से छुटकारा पाने के लिए उपाय (अष्टमी तिथि को)
अगर घर में कोई सदस्य लंबे समय से बीमार है या स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ पीछा नहीं छोड़ रही हैं, तो गुप्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि (23 फरवरी) को यह विशेष अनुष्ठान करें:
- फिटकरी का उपाय: अष्टमी के दिन स्नान के पानी में थोड़ी सी फिटकरी (Alum) डालकर उससे स्नान करें। शाम को अपने बीमार व्यक्ति के सिर से सात बार एंटी-क्लॉकवाइज (उलटी दिशा में) एक बड़ा टुकड़ा घुमाएँ और इसे जल में प्रवाहित कर दें। यह उपाय नकारात्मक ऊर्जा और बीमारी के असर को कम करने में मदद करता है।
ध्यान रखें: गुप्त नवरात्रि में सात्विक नियमों का पालन करते हुए अपनी पूजा को जितना गुप्त रखेंगे, उसका फल उतना ही ज़्यादा मिलेगा।