सर्द रातें और पैरों का वो जानलेवा दर्द दवाइयां छोड़िए, किचन की इन 4 चीज़ों में छुपा है जादुई आराम
News India Live, Digital Desk : जैसे-जैसे कैलेंडर के पन्ने पलटते हैं और उम्र 40 का आंकड़ा पार करती है, हमारा शरीर हमें नए-नए इशारे देना शुरू कर देता है। आपने महसूस किया होगा कि गर्मियां तो फिर भी मजे में कट जाती हैं, लेकिन जैसे ही सर्दी दस्तक देती है, बिस्तर से उतरते समय पैरों के तलवों या टखनों में एक अजीब सी चुभन और दर्द महसूस होने लगता है। कभी-कभी तो ऐसा लगता है जैसे पैर पत्थर के हो गए हैं।
आखिर सर्दियों में ही ऐसा क्यों होता है?
असल में इसके पीछे कोई जादू या रहस्य नहीं, बल्कि विज्ञान है। जब ठंड बढ़ती है, तो हमारा शरीर गर्मी को अंदरूनी अंगों तक सुरक्षित रखने की कोशिश करता है। इसकी वजह से पैरों की रक्त वाहिकाएं (blood vessels) थोड़ी संकुचित हो जाती हैं और पैरों में खून का संचार धीमा पड़ जाता है। ऊपर से 40 की उम्र के बाद जोड़ों के बीच का लुब्रिकेशन (fluid) थोड़ा कम होने लगता है, जिससे सर्दी के मौसम में मांसपेशियों और नसों में खिंचाव और जकड़न ज्यादा महसूस होती है।
डॉक्टर की दुकान पर जाने से पहले अपनी रसोई तो देखिए...
दर्द भगाने के लिए हमेशा गोलियां खाना ही एकमात्र रास्ता नहीं है। हमारे घर की रसोई में ही ऐसी कुछ जादुई चीजें हैं जो बरसों से सर्दियों के दर्द का रामबाण इलाज रही हैं:
- हल्दी और गरम दूध (गोल्डन मिल्क): इसे सिर्फ दूध मत समझिये, ये कुदरती पेनकिलर है। हल्दी में मौजूद 'करक्यूमिन' सूजन को कम करता है और अंदरूनी गर्माहट देता है। रात को सोते समय एक चुटकी हल्दी वाला दूध आपके पैरों की जकड़न के लिए वरदान है।
- अदरक और लहसुन का जादू: ये दोनों चीजें सिर्फ खाने का स्वाद नहीं बढ़ातीं, बल्कि शरीर के 'हीटर' का काम करती हैं। अदरक की चाय या लहसुन को घी में हल्का भूनकर खाने से ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है और जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है।
- तिल या सरसों के तेल की मालिश: बाहर से दवा खाने के बजाय कभी-कभी बाहरी गर्माहट ज्यादा काम आती है। सरसों के तेल में लहसुन जलाकर उससे पैरों की मालिश करें। मालिश करने से रुकी हुई नसें खुलती हैं और गलन कम होती है।
- अखरोट और बादाम (Omega-3): अखरोट और बादाम में ऐसे हेल्दी फैट्स होते हैं जो हड्डियों और जोड़ों को सूखने से बचाते हैं। रोज़ाना 2 अखरोट भिगोकर खाना 40 के बाद की सेहत के लिए सबसे अच्छी इंवेस्टमेंट है।
छोटी मगर काम की बात
अगर दर्द ज्यादा परेशान करे, तो सुबह उठते ही नंगे पैर ठंडी ज़मीन पर पैर न रखें। गुनगुने पानी में थोड़ा सा सेंधा नमक डालकर पैर भिगोना भी दर्द का सबसे सस्ता और बेहतरीन इलाज है। याद रखिये, ये उम्र वो नहीं कि आप दर्द सहें, ये वो उम्र है जहाँ आपको अपने शरीर का थोड़ा सा एक्स्ट्रा ख्याल रखना चाहिए।