ब्लूबेरी का महंगा शौक छोड़िए, हमारी मिट्टी की ये 10 देसी बेरीज हैं असल विटामिन का खज़ाना
News India Live, Digital Desk: जब हम 'बेरी' शब्द सुनते हैं, तो दिमाग में अक्सर महंगे मॉल में मिलने वाले छोटे पैकेट आते हैं। लेकिन सच तो ये है कि भारत की जैव विविधता में ऐसी-ऐसी जंगली बेरियां हैं, जिनका स्वाद और गुण दुनिया में कहीं नहीं मिलेगा।
1. जामुन (Java Plum):
जामुन को भारत का 'पर्पल गोल्ड' कहा जाता है। मधुमेह (Diabetes) के मरीजों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। इसकी गुठली का पाउडर ब्लड शुगर कंट्रोल करने में जादुई असर दिखाता है। साथ ही यह आपके हीमोग्लोबिन को बढ़ाने में भी बहुत मदद करता है।
2. फालसा (Sherbet Berry):
चिलचिलाती धूप और लू से बचाने में फालसा का कोई जवाब नहीं। ये छोटी सी बैंगनी बेरी आपके पेट को तुरंत ठंडा करती है। फालसा का शरबत न केवल पाचन में सुधार करता है, बल्कि एनीमिया जैसी समस्याओं में भी राहत देता है।
3. करौंदा (Conkerberry):
अक्सर अचार या चटनी में इस्तेमाल होने वाला करौंदा विटामिन-सी और आयरन का बहुत बड़ा स्रोत है। यह कोलेस्ट्रॉल को कम करने और मानसिक एकाग्रता को बढ़ाने के लिए आयुर्वेद में बहुत मशहूर है।
4. बेर (Indian Jujube):
यह शायद हर भारतीय के बचपन की सबसे बड़ी याद है। बेर को 'गरीबों का सेब' भी कहते हैं, क्योंकि यह हड्डियों की मज़बूती और अच्छी नींद के लिए बहुत फायदेमंद है। इसमें मौजूद विटामिन-सी आपकी इम्युनिटी को चट्टान की तरह मज़बूत बनाता है।
5. रसभरी (Cape Gooseberry):
नारंगी रंग का यह छोटा सा फल जो एक सुंदर पत्तों वाले 'पर्दे' में छिपा रहता है। रसभरी का सेवन फेफड़ों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है और यह वजन कम करने में भी आपकी मदद कर सकती है।
6. आंवला (Indian Gooseberry):
इसे 'अमृत फल' कहना गलत नहीं होगा। एक आंवले में करीब 20 संतरों के बराबर विटामिन-सी होता है। बालों की चमक से लेकर आँखों की रोशनी तक, आंवला हर समस्या की नैचुरल दवा है।
7. कोकम (Garcinia Indica):
कोकण के तटीय इलाकों में पाया जाने वाला कोकम एसिडिटी के लिए बेस्ट घरेलू उपचार है। यह न केवल पाचन को दुरुस्त रखता है, बल्कि गर्मियों में शरीर को डिहाइड्रेशन से भी बचाता है।
8. हरफ़रौरी (Star Gooseberry):
ये स्वाद में थोड़े ज्यादा खट्टे होते हैं, इसलिए अक्सर इन्हें नमक और मिर्च के साथ खाया जाता है। ये लिवर की सेहत सुधारने और आँखों के स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छे होते हैं।
9. मकोय (Black Nightshade):
आयुर्वेद में मकोय को 'दिव्य औषधि' माना गया है। इसकी काली और रसीली बेरियां पीलिया (Jaundice) और लिवर की बीमारियों को दूर करने में बहुत प्रभावशाली हैं।
10. खिरनी (Mimusops hexandra):
ये छोटी पीले रंग की बेरियां जो दूधिया मिठास लिए होती हैं। खिरनी को दिल की सेहत और शरीर की ऊर्जा बढ़ाने के लिए खाया जाता है। हालांकि ये काफी कम समय के लिए बाज़ार में आती हैं।