Kerala Assembly Elections 2026 : हैट्रिक बनाम कमबैक की जंग LDF का दांव विकास पर, तो अंतर्कलह से जूझ रहा UDF
News India Live, Digital Desk : दक्षिण भारत के 'लाल दुर्ग' केरल में चुनावी बिगुल फुंक चुका है। मंगलवार, 24 मार्च 2026 को नामांकन पत्रों की जांच (Scrutiny) के साथ ही यह साफ हो गया है कि मुकाबला त्रिकोणीय होने के बावजूद मुख्य लड़ाई सत्ताधारी एलडीएफ (LDF) और विपक्षी यूडीएफ (UDF) के बीच ही है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन जहाँ राज्य के इतिहास में पहली बार 'हैट्रिक' (लगातार तीसरी जीत) बनाकर नया रिकॉर्ड सेट करने की जुगत में हैं, वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ हालिया स्थानीय निकाय चुनावों में मिली बढ़त के भरोसे सत्ता में वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है।
1. LDF की रणनीति: "पिनाराई का चेहरा और विकास का पहिया"
वामपंथी मोर्चा (LDF) पूरी तरह से मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के इर्द-गिर्द सिमटा हुआ है।
मजबूत नेतृत्व: पिनाराई विजयन ने धर्मदम (Dharmadam) सीट से अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। माकपा (CPI-M) ने साफ किया है कि चुनाव विजयन के नेतृत्व में ही लड़ा जा रहा है, हालांकि मुख्यमंत्री का फैसला जीत के बाद होगा।
उपलब्धियां: एलडीएफ अपने 'केरल मॉडल', कल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास को मुद्दा बना रहा है। पार्टी का नारा है— "विकास की निरंतरता के लिए तीसरा कार्यकाल।"
2. UDF में अंतर्कलह: "सीटों के बंटवारे पर मचा घमासान"
विपक्ष जहाँ भ्रष्टाचार और 'सत्ता विरोधी लहर' (Anti-incumbency) को भुनाने की कोशिश कर रहा है, वहीं टिकटों के बंटवारे ने कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
पुनालुर विवाद: पुनालुर सीट मुस्लिम लीग (IUML) को दिए जाने पर स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने बगावत कर दी है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर कांग्रेस वहां से नहीं लड़ती, तो वे सामूहिक इस्तीफा देंगे।
जी. सुधाकरण फैक्टर: माकपा के पूर्व दिग्गज नेता जी. सुधाकरण ने अंबालापुझा (Ambalappuzha) से 'पीपल्स इंडिपेंडेंट' के तौर पर पर्चा भरकर एलडीएफ को झटका दिया है, जिन्हें अब यूडीएफ का समर्थन मिलने की चर्चा है।
राहुल गांधी की एंट्री: कांग्रेस नेता राहुल गांधी 25 मार्च को कोझिकोड से यूडीएफ के चुनाव प्रचार का आधिकारिक आगाज करेंगे।
3. स्थानीय निकाय चुनाव: यूडीएफ के लिए उम्मीद की किरण
2025 के अंत में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों ने यूडीएफ के हौसले बुलंद कर दिए हैं।
बदला मिजाज: एर्नाकुलम और कोच्चि जैसे 'लाल किलों' में कांग्रेस ने बड़ी सेंधमारी की है। एर्नाकुलम की 25 में से केवल 4 डिवीजनों पर ही एलडीएफ सिमट कर रह गई, जिसे यूडीएफ अपनी बड़ी जीत का आधार मान रहा है।
4. BJP और 'त्रिकोणीय' चुनौती
भाजपा (NDA) इस बार केवल 'वोटकटवा' नहीं, बल्कि निर्णायक भूमिका में दिखने की कोशिश कर रही है।
ब्रेकथ्रू: पलक्कड़ और तिरुवनंतपुरम जैसे क्षेत्रों में भाजपा की बढ़ती ताकत ने एलडीएफ और यूडीएफ दोनों की नींद उड़ा दी है। माकपा नेता एम.वी. गोविंदन ने कांग्रेस पर भाजपा के साथ 'गुप्त समझौता' करने का आरोप लगाया है।
5. चुनाव का पूरा शेड्यूल (Quick Facts):
कुल सीटें: 140 (बहुमत के लिए 71 जरूरी)
मतदान की तारीख: 9 अप्रैल 2026 (एक चरण में)
नतीजे: 4 मई 2026
प्रमुख उम्मीदवार: पिनाराई विजयन (LDF), वी.डी. सतीशन (UDF), श्रीलेखा (LDF-Supported), रमेश पिशारोडी (UDF)।