BREAKING:
April 05 2026 03:01 am

Char Dham Yatra 2026 : अक्षय तृतीया पर 19 अप्रैल को खुलेंगे यमुनोत्री धाम के कपाट,जानें केदारनाथ दर्शन की तिथि

Post

News India Live, Digital Desk: उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध 'चारधाम यात्रा 2026' की तिथियों का औपचारिक ऐलान शुरू हो गया है। हिंदुओं के पवित्र त्योहार अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर रविवार, 19 अप्रैल 2026 को मां यमुना के मंदिर (यमुनोत्री धाम) के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। उत्तरकाशी के बड़कोट में यमुना जयंती के अवसर पर तीर्थ पुरोहितों और मंदिर समिति ने पंचांग गणना के बाद इस पावन तिथि की घोषणा की है। यमुनोत्री के साथ ही गंगोत्री धाम के कपाट भी उसी दिन खुलने की परंपरा है, जिससे विधिवत रूप से यात्रा का आगाज हो जाएगा।

1. यमुनोत्री और गंगोत्री: 19 अप्रैल से दर्शन शुरू

परंपरा के अनुसार, चारधाम यात्रा की शुरुआत सबसे पहले यमुनोत्री और गंगोत्री धाम से होती है।

यमुनोत्री धाम: 19 अप्रैल को रोहिणी नक्षत्र और अक्षय तृतीया के अभिजीत मुहूर्त में मां यमुना की डोली खुशीमठ (खरसाली) से विदा होकर धाम पहुँचेगी।

गंगोत्री धाम: यमुनोत्री के साथ ही 19 अप्रैल को ही मां गंगा के कपाट भी खुलेंगे। मुखबा (मुखिमठ) से गंगा जी की उत्सव डोली शीतकालीन प्रवास से रवाना होगी।

2. बाबा केदार और बद्री विशाल के कपाट कब खुलेंगे?

केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथियों का निर्धारण अलग-अलग धार्मिक परंपराओं के अनुसार किया जाता है:

केदारनाथ धाम: महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में केदारनाथ के कपाट खुलने की तिथि घोषित की जाती है। अनुमान के मुताबिक, केदार बाबा के कपाट 21 या 22 अप्रैल 2026 को खुल सकते हैं।

बद्रीनाथ धाम: राजमहल (टिहरी) में बसंत पंचमी के दिन बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने का मुहूर्त निकाला जाता है। संभावना है कि बद्री विशाल के दर्शन 23 या 24 अप्रैल 2026 से शुरू होंगे।

3. यात्रा पंजीकरण (Registration) और तैयारी

उत्तराखंड सरकार और पर्यटन विभाग ने इस वर्ष रिकॉर्ड भीड़ की उम्मीद जताते हुए तैयारियां तेज कर दी हैं।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन: चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह से शुरू होने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं को 'टूरिस्ट केयर उत्तराखंड' वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए स्लॉट बुक करने होंगे।

हेलीकॉप्टर बुकिंग: केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर टिकटों की बुकिंग IRCTC की वेबसाइट के माध्यम से मार्च के मध्य में शुरू हो सकती है।

4. मौसम और मार्ग की स्थिति

मार्च और अप्रैल की शुरुआत में पहाड़ों पर बर्फबारी की संभावना को देखते हुए सीमा सड़क संगठन (BRO) ने सड़कों को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया है।

सावधानी: यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे प्रस्थान से पहले मौसम विभाग (IMD) का अपडेट जरूर लें और गर्म कपड़े साथ रखें, क्योंकि अप्रैल में भी धामों का तापमान शून्य के करीब रहता है।

5. शीतकालीन प्रवास से विदाई

वर्तमान में चारों धामों की उत्सव डोलियां अपने शीतकालीन प्रवास स्थलों (खरसाली, मुखबा, ऊखीमठ और पांडुकेश्वर) में विराजित हैं, जहाँ उनकी नियमित पूजा-अर्चना की जा रही है। अप्रैल के मध्य से इन डोलियों की अपने मुख्य मंदिरों की ओर वापसी का भव्य उत्सव शुरू हो जाएगा।