हावड़ा में गूंजेगा जय श्रीराम हाई कोर्ट ने दी रामनवमी शोभायात्रा की अनुमति, 500 की संख्या और नो-हथियार सहित लागू
News India Live, Digital Desk: पश्चिम बंगाल के हावड़ा में रामनवमी की शोभायात्रा को लेकर चल रहा संशय अब खत्म हो गया है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने मंगलवार, 24 मार्च 2026 को एक महत्वपूर्ण फैसले में विश्व हिंदू परिषद (VHP) और अंजनी पुत्र सेना को हावड़ा के पारंपरिक रूट पर शोभायात्रा निकालने की सशर्त अनुमति दे दी है। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की बेंच ने साफ किया कि प्रशासनिक आपत्तियां मौलिक अधिकारों को नहीं रोक सकतीं, हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट ने 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाते हुए 10 से ज्यादा सख्त शर्तें थोपी हैं। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राज्य में विधानसभा चुनाव की आहट है और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
1. दो पालियों में निकलेगी शोभायात्रा
अदालत ने टकराव से बचने के लिए दोनों प्रमुख संगठनों के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया है:
अंजनी पुत्र सेना: यह यात्रा सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक निकाली जा सकेगी।
विश्व हिंदू परिषद (VHP): इनकी शोभायात्रा का समय दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक तय किया गया है।
2. हाई कोर्ट की 'लक्ष्मण रेखा' (मुख्य शर्तें):
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी शर्त का उल्लंघन हुआ, तो आयोजक सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे:
प्रतिभागियों की सीमा: किसी भी समय जुलूस में 500 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। आयोजकों को 15 जिम्मेदार सदस्यों के नाम और आईडी प्रूफ पुलिस को पहले देने होंगे।
हथियारों पर पूर्ण प्रतिबंध: शोभायात्रा में किसी भी प्रकार के धातु के हथियार, लाठी या तलवार का प्रदर्शन वर्जित है। केवल PVC (प्लास्टिक) के बने प्रतीकात्मक शस्त्र ही ले जाए जा सकेंगे।
वाहनों की संख्या: पूरी शोभायात्रा में झांकी या मूर्ति ले जाने वाले केवल एक ही वाहन को अनुमति होगी।
साउंड सिस्टम और DJ: जुलूस में डीजे (DJ) पूरी तरह बैन रहेगा। केवल 5-6 माइक्रोफोन वाले सीमित साउंड सिस्टम का ही उपयोग किया जा सकेगा।
नारेबाजी पर लगाम: कोई भी भड़काऊ, सांप्रदायिक या आपत्तिजनक नारा नहीं लगाया जाएगा जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़े।
निरंतर गति: जुलूस को रास्ते में कहीं भी रुकने या सभा करने की अनुमति नहीं होगी; इसे लगातार चलते रहना होगा।
3. रूट विवाद पर कोर्ट का रुख
ममता सरकार ने चुनाव की तैयारियों और 'संवेदनशील इलाकों' (जैसे काजीपाड़ा) का हवाला देते हुए रूट बदलने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए कहा कि चूँकि इसी रूट पर पिछले सालों में यात्रा निकलती रही है और 2025 के आदेश को चुनौती नहीं दी गई थी, इसलिए पारंपरिक मार्ग नहीं बदला जाएगा। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि वे पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करें।
4. राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
जुलूस को मिली अनुमति के बाद सियासत भी गरमा गई है। वीएचपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने टीएमसी सरकार पर हर साल त्योहारों को टारगेट करने का आरोप लगाया है। वहीं, राज्य सरकार का तर्क है कि वे केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना चाहते हैं। हाई कोर्ट ने पुलिस को 1 अप्रैल 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) सौंपने का आदेश दिया है।