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April 27 2026 11:53 am

व्हाइट हाउस शूटआउट के हमलावर की हिट लिस्ट से काश पटेल का नाम गायब, जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

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News India Live, Digital Desk: व्हाइट हाउस के बाहर हुई गोलीबारी की घटना ने पूरी दुनिया को सन्न कर दिया था, लेकिन अब इस मामले में एक नया और हैरान करने वाला मोड़ सामने आया है। सुरक्षा एजेंसियों की जांच में पता चला है कि हमलावर कोल थॉमस एलन के पास से जो 'हिट लिस्ट' बरामद हुई थी, उसमें भारतीय मूल के कद्दावर नेता और ट्रंप के करीबी काश पटेल का नाम शामिल नहीं था। इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि काश पटेल भी हमलावर के निशाने पर हो सकते हैं।

हमलावर की डायरी और 'हिट लिस्ट' का सच

अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों (FBI) ने हमलावर कोल थॉमस एलन के ठिकानों और उसके पास से मिले दस्तावेजों की गहन तलाशी ली। जांच अधिकारियों के मुताबिक, एलन ने एक सूची तैयार की थी जिसमें कई हाई-प्रोफाइल राजनेताओं और अधिकारियों के नाम दर्ज थे। हालांकि, शुरुआती खबरों के उलट, काश पटेल का नाम इस सूची में कहीं नहीं मिला। जांच दल अब इस बात का पता लगा रहा है कि एलन के निशाने पर मुख्य रूप से कौन था और उसके हमले का असली मकसद क्या था।

काश पटेल को लेकर क्यों मची थी खलबली?

काश पटेल, जो डोनाल्ड ट्रंप के पिछले कार्यकाल में महत्वपूर्ण रक्षा और खुफिया पदों पर रह चुके हैं, हमेशा से कट्टरपंथियों और विरोधियों के निशाने पर रहे हैं। जब व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी हुई, तो खुफिया इनपुट्स के आधार पर यह अंदेशा जताया गया था कि ट्रंप के वफादारों को निशाना बनाया जा सकता है। काश पटेल की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई थीं, लेकिन ताजा रिपोर्ट ने इन दावों को फिलहाल खारिज कर दिया है।

कौन है हमलावर कोल थॉमस एलन?

हमलावर कोल थॉमस एलन के बारे में बताया जा रहा है कि वह एक गहरी वैचारिक नफरत से भरा हुआ था। उसने व्हाइट हाउस की सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश की थी, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने उसे ढेर कर दिया था। उसके पास से मिले डिजिटल सबूतों और कागजातों से संकेत मिलते हैं कि वह काफी समय से इस हमले की योजना बना रहा था। अधिकारी अब उसके 'लोन वुल्फ' (अकेले हमलावर) होने या किसी संगठन से जुड़े होने की संभावनाओं की जांच कर रहे हैं।

व्हाइट हाउस की सुरक्षा पर नए सिरे से मंथन

इस घटना के बाद व्हाइट हाउस और उसके आसपास के इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बना दिया गया है। सीक्रेट सर्विस ने सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा शुरू कर दी है। विशेष रूप से उन नेताओं की सुरक्षा बढ़ाई जा रही है जिनका नाम हमलावर की बरामद सूची में पाया गया है। हालांकि काश पटेल का नाम इसमें नहीं है, लेकिन प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।