CJI का डिजिटल अवतार पहली बार मोबाइल लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे जस्टिस सूर्यकांत, जानिए आखिर किसका आया था मैसेज
News India Live, Digital Desk: सुप्रीम कोर्ट के गलियारों में उस वक्त हर कोई हैरान रह गया, जब भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत एक ऐतिहासिक बदलाव के साथ अपनी बेंच पर पहुंचे। दशकों पुरानी परंपरा को पीछे छोड़ते हुए, जस्टिस सूर्यकांत पहली बार अदालत कक्ष में अपने साथ मोबाइल फोन लेकर आए। यह न केवल तकनीकी बदलाव का संकेत था, बल्कि इसके पीछे एक बेहद खास वजह भी छिपी थी।
अदालत में मोबाइल और एक 'सीक्रेट' मैसेज
अमूमन कोर्ट रूम के भीतर मोबाइल फोन का उपयोग प्रतिबंधित होता है या उसे बंद रखा जाता है, लेकिन मुख्य न्यायाधीश का इसे साथ लाना चर्चा का विषय बन गया। सुनवाई के दौरान जब उनके फोन की स्क्रीन चमकी, तो वकीलों और वहां मौजूद लोगों की उत्सुकता बढ़ गई। जस्टिस सूर्यकांत ने स्वयं इस राज से पर्दा उठाया कि आखिर वह आज फोन लेकर क्यों आए हैं और उन्हें किसका संदेश मिला है।
डिजिटल न्याय की ओर एक बड़ा कदम
सूत्रों के अनुसार, यह कदम केवल व्यक्तिगत सुविधा के लिए नहीं, बल्कि न्यायपालिका के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का एक हिस्सा था। जस्टिस सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि उन्हें प्राप्त हुआ संदेश किसी और का नहीं, बल्कि 'केस मैनेजमेंट' और 'पेपरलेस' अदालती कार्यवाही से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अलर्ट था। उन्होंने बताया कि अब तकनीक के माध्यम से रियल-टाइम अपडेट्स और महत्वपूर्ण विधिक सूचनाएं सीधे न्यायाधीशों तक पहुंचाई जा रही हैं, जिससे फाइलों के बोझ को कम किया जा सके।
पारदर्शिता और आधुनिकता का नया दौर
जस्टिस सूर्यकांत का यह अंदाज दर्शाता है कि भारतीय न्यायपालिका अब तेजी से आधुनिकता की ओर बढ़ रही है। उन्होंने वकीलों और न्यायिक अधिकारियों को भी प्रोत्साहित किया कि वे डिजिटल उपकरणों का कुशलतापूर्वक उपयोग करें। CJI का मोबाइल के साथ कोर्ट आना इस बात का प्रतीक है कि न्याय के मंदिर में अब परंपराओं के साथ-साथ तकनीक का भी सम्मान होगा, जिससे न्याय मिलने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और त्वरित हो सके।