झारखंड की बेटियों के उड़ान भरने का वक्त मिलेगा पूरा 30,000 का सहयोग
News India Live, Digital Desk : आज हम एक ऐसी खबर लेकर आए हैं जो उन माता-पिता के चेहरे पर मुस्कान ला देगी जिनकी बेटियां पढ़ाई में तो तेज़ हैं, लेकिन पैसों की कमी की वजह से उनकी आगे की पढ़ाई को लेकर घर में चिंता रहती है। झारखंड की वर्तमान सरकार ने फैसला किया है कि अब राज्य की कोई भी बेटी अपनी शिक्षा बीच में नहीं छोड़ेगी।
इसके लिए सरकार ने बेटियों को कुल ₹30,000 की आर्थिक मदद देने का मन बनाया है। चलिए, सरल शब्दों में समझते हैं कि ये सब क्या है और इसका फायदा कैसे उठाया जा सकता है।
आखिर क्या है सरकार का इरादा?
झारखंड के गांवों और कस्बों में अक्सर यह देखा गया है कि आर्थिक तंगी के चलते लड़कियों की पढ़ाई दसवीं या बारहवीं के बाद छुड़वा दी जाती है। सरकार का मानना है कि जब राज्य की लड़कियां पढ़ेंगी, तभी प्रदेश आगे बढ़ेगा। इसीलिए, 'सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना' जैसी पहलों के माध्यम से इस पैसे को चरणों (Stages) में बेटियों तक पहुँचाया जा रहा है।
किसे और कैसे मिलेंगे पैसे?
योजना का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बेटी जब बड़ी हो रही हो, तो उसकी पढ़ाई के खर्च के लिए घर वालों को सोचना न पड़े।
- आठवीं और नौवीं क्लास में दाखिला लेने पर बेटियों को अलग से राशि दी जाती है।
- इसके बाद जैसे-जैसे वह 10वीं, 11वीं और 12वीं में पहुँचती है, मदद बढ़ती जाती है।
- अंत में, जब बेटी 18-19 साल की हो जाती है, तो उसे एक बड़ी एकमुश्त राशि दी जाती है, जिससे वह अपने कॉलेज की पढ़ाई या करियर के किसी खास कोर्स में एडमिशन ले सके।
बाल विवाह पर लगेगा लगाम
इस योजना का एक दूसरा सबसे प्यारा पहलू यह है कि यह 'बाल विवाह' के खिलाफ भी एक हथियार है। योजना की शर्त ही यही है कि लड़की पढ़ रही हो और उसकी शादी कम उम्र में न की जाए। जब घर वालों को पता होता है कि पढ़ाई जारी रखने पर सरकार की तरफ से ₹30,000 की कुल मदद मिल रही है, तो वे भी बेटी के सुनहरे भविष्य को लेकर उत्साहित रहते हैं।
दस्तावेजों का कोई बड़ा झंझट नहीं
झारखंड सरकार ने पूरी कोशिश की है कि आम आदमी को इसके लिए दर-दर न भटकना पड़े। आप अपने स्कूल के माध्यम से या नज़दीकी आंगनबाड़ी और ब्लॉक दफ्तर में जाकर इसकी जानकारी ले सकते हैं। आधार कार्ड, स्कूल का प्रमाण पत्र और बैंक खाता—जैसे कुछ ज़रूरी कागज इस योजना का लाभ लेने के लिए काफी हैं।
एक संदेश हर मां-बाप के लिए
अगर आपके घर में बेटी है, तो उसकी पढ़ाई को बीच में मत रोकिए। झारखंड सरकार की ये ₹30,000 की सहायता राशि सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि आपकी बेटी के सपनों को दिया गया एक 'सर्टिफिकेट' है कि वह भी कुछ बनकर दिखा सकती है। अपने आस-पास की हर उस बेटी को इस योजना के बारे में बताएं जो आर्थिक कारणों से पढ़ाई छोड़ने का विचार कर रही हो।