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March 31 2026 01:42 pm

झारखंड में शीतलहर का कहर, राँची में बदली स्कूलों की टाइमिंग, पैरेंट्स फौरन देख लें ये नया आदेश

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News India Live, Digital Desk: अगर आप भी सुबह-सुबह अलार्म बजते ही अपने नन्हे-मुन्हों को भारी-भारी स्वेटर और जैकेट में लपेटकर स्कूल बस का इंतज़ार करते थे, तो ये खबर आपके लिए बहुत सुकून देने वाली है। राँची सहित पूरे झारखंड में पछुआ हवाओं ने ठिठुरन इतनी बढ़ा दी है कि हाथ-पैर सुन्न होने लगे हैं। बच्चों की सुरक्षा और बढ़ते इन्फेक्शन के खतरों को देखते हुए राँची के उपायुक्त (DC) ने स्कूलों के संचालन को लेकर कड़े और नए निर्देश जारी किए हैं।

क्या है प्रशासन का नया आदेश?
सीधी और साफ बात ये है कि अब छोटे बच्चों को सुबह 6 या 7 बजे की बर्फीली हवाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। राँची जिला प्रशासन ने बढ़ती ठंड और घने कोहरे को देखते हुए प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के समय में बड़ा बदलाव किया है। आदेश के मुताबिक, अब स्कूल देर से खुलेंगे ताकि जब थोड़ी धूप निकल आए, तब बच्चे घर से बाहर निकलें।

यह आदेश सभी बोर्डों (सीबीएसई, आईसीएसई और सरकारी स्कूलों) के लिए समान रूप से लागू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को निमोनिया, सर्दी और जुकाम जैसी मौसमी बीमारियों से बचाना है।

अभिभावकों की बढ़ रही थी चिंता
पिछले दो-तीन दिनों से झारखंड में पारा अचानक काफी नीचे गिर गया है। सोशल मीडिया और स्कूल मीटिंग्स में पैरेंट्स लगातार ये मांग कर रहे थे कि जब तक शीतलहर का असर है, तब तक या तो स्कूलों को कुछ दिन बंद रखा जाए या उनकी टाइमिंग बदली जाए। राँची के डीसी ने अभिभावकों की इस जायज़ चिंता पर तुरंत संज्ञान लिया और नए टाइम-टेबल को मंज़ूरी दी।

केवल राँची ही नहीं, बाकी जिलों में भी हलचल
पहाड़ों की बर्फीली हवाओं का असर सिर्फ़ राँची ही नहीं, बल्कि लोहरदगा, गुमला, हजारीबाग और जमशेदपुर में भी दिख रहा है। इन जिलों में भी स्थानीय प्रशासन अपने-अपने स्तर पर रिपोर्ट ले रहा है। माना जा रहा है कि अगर अगले एक-दो दिन में तापमान और गिरता है, तो स्कूल बंद करने की भी घोषणा की जा सकती है। फिलहाल के लिए, केवल टाइमिंग बदलकर बच्चों को राहत दी गई है।

मौसम विभाग का क्या है कहना?
मौसम विभाग की मानें तो अभी कड़ाके की ठंड से तुरंत पीछा छूटने वाला नहीं है। अगले कुछ दिनों तक कोहरे का साया और सुबह-रात की ठिठुरन जारी रहेगी। ऐसे में डॉक्टरों ने भी सलाह दी है कि बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें और गर्म पानी का सेवन बढ़ाएं।

तो पैरेंट्स, अपनी बिटिया और लाडले का बैग तैयार करने से पहले अपने स्कूल के वॉट्सऐप ग्रुप और न्यूज़ पर नज़र जरूर रखें ताकि नए समय के अनुसार ही बच्चों को घर से बाहर निकालें। सुरक्षा और सेहत से बड़ा कुछ भी नहीं है!