झारखंड सरकार की बड़ी राहत ,34 लाख लोगों तक पहुँच रही है पेंशन की राशि

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News India Live, Digital Desk : कहते हैं कि उम्र के आखिरी पड़ाव में अगर जेब में अपना थोड़ा पैसा हो, तो आत्म-सम्मान बना रहता है। झारखंड में कुछ साल पहले शुरू की गई 'सर्वजन पेंशन योजना' आज राज्य के करीब 34 लाख लोगों के लिए एक बड़ी ढाल बनकर उभरी है। राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, इन 34 लाख लाभार्थियों को हर महीने 1000 रुपये की सम्मान राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है।

₹1000 का यह गणित क्या है?
आज के दौर में शायद 1000 रुपये बहुत बड़ी रकम न लगे, लेकिन एक गरीब परिवार में रहने वाले बुजुर्ग, विधवा महिला या दिव्यांग व्यक्ति के लिए यह राशि उनकी दवाइयों, छोटे-मोटे खर्चों और अपनी पसंद की चीजों को खरीदने के काम आती है। यह उन्हें अहसास कराता है कि उन्हें हर छोटी चीज़ के लिए अपने बच्चों या दूसरों के आगे हाथ फैलाने की जरूरत नहीं है।

सबके लिए खुली है राह: सर्वजन पेंशन की खासियत
इस योजना की सबसे अच्छी बात इसकी 'यूनिवर्सल' (सर्वजन) सोच है। सरकार ने पुरानी पेचीदगियों को हटा दिया है, जिसमें गरीबी रेखा (BPL) का टैग जरूरी होता था। अब 60 साल से ज्यादा उम्र का कोई भी व्यक्ति (जो टैक्स नहीं भरता हो) इस पेंशन के लिए हकदार है। यही वजह है कि लाभार्थियों की संख्या आज 34 लाख के पार पहुँच गई है, जो अपने आप में एक बड़ा आंकड़ा है।

किन-किन को मिल रहा है फायदा?
योजना का विस्तार काफी बड़ा है। इसमें सिर्फ बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि समाज के हर कमजोर तबके का ध्यान रखा गया है:

  • 60 वर्ष से ऊपर के वरिष्ठ नागरिक।
  • निराश्रित महिलाएं (विधवा और एकल महिलाएं)।
  • दिव्यांग (Specially-abled) लोग।
  • गंभीर बीमारियों (जैसे HIV/Cancer) से पीड़ित जरूरतमंद लोग।

सिस्टम अब हुआ और भी आसान
पहले पेंशन बनवाना एक बड़ी मुसीबत माना जाता था, दफ्तरों के चक्कर काटते-काटते बुजुर्ग थक जाते थे। लेकिन पिछले कुछ समय में 'सरकार आपके द्वार' जैसे कार्यक्रमों के जरिए कैंप लगाकर मौके पर ही आवेदन लेने की प्रक्रिया ने इसे बहुत सरल बना दिया है। यही कारण है कि आज झारखंड के सुदूर गांवों में रहने वाले आदिवासियों और वंचितों तक यह लाभ पहुँच रहा है।