अरबपति बनने की होड़ नहीं, बस एक सुरक्षित भविष्य की बात छोटे निवेश से 43 लाख जमा करने का सबसे सरल तरीका
News India Live, Digital Desk : हम में से बहुत से लोग हर महीने की पहली तारीख को यह सोचते हैं कि इस बार कम से कम 5-10 हज़ार रुपये बचाएंगे। लेकिन महीने के अंत तक वह पैसे कहाँ चले जाते हैं, पता ही नहीं चलता। फिर हम अपनी योजनाओं को अगले महीने पर टाल देते हैं।
अगर मैं आपसे कहूँ कि आपको एक साथ बहुत बड़ी रकम नहीं बचानी है, बल्कि बस अपने रोज़ के छोटे-मोटे फालतू खर्चों पर लगाम लगानी है, तो?
क्या है ₹411 का पूरा गणित?
यहाँ हम बात कर रहे हैं SIP (Systematic Investment Plan) की। मान लीजिए आप हर दिन करीब ₹411 बचाते हैं। यानी महीने भर में आपकी कुल बचत होती है लगभग ₹12,330। अब, अगर आप इस रकम को किसी अच्छे 'म्यूचुअल फंड' (Mutual Fund) में हर महीने जमा करते हैं और आपको औसतन 12% से 15% का सालाना रिटर्न मिलता है, तो समय के साथ यह आपके लिए 'कंपाउंडिंग' (Compounding) का जादू करता है।
अगर आप इस निवेश को 15 साल तक लगातार चलाते हैं, तो आपकी आंखों के सामने एक ऐसी रकम होगी जिसे देखकर आपको गर्व होगा करीब ₹43 लाख से ₹50 लाख के बीच (मार्केट के रिटर्न के आधार पर)।
कंपाउंडिंग: आपका वफादार दोस्त
निवेश की दुनिया में एक पुरानी कहावत है कि "पैसा सिर्फ कमाने से नहीं, उसे काम पर लगाने से बढ़ता है।" जब आप हर महीने छोटी-छोटी राशि जमा करते हैं, तो आपको न केवल आपके जमा किए गए पैसे पर ब्याज मिलता है, बल्कि 'ब्याज पर भी ब्याज' मिलता है। 15 साल का समय एक ऐसा वक्त होता है जहाँ आपकी छोटी सी बचत किसी बर्फ के गोले (Snowball) की तरह बड़ी होने लगती है।
ध्यान रखने वाली कुछ जरूरी बातें:
- अनुशासन: सबसे ज़रूरी है हर महीने बिना भूले निवेश करना। मार्केट कभी ऊपर जाएगा, कभी नीचे, लेकिन आपको अपनी किस्त (SIP) नहीं रोकनी है।
- सब्र: अमीर रातों-रात नहीं बना जाता। यह निवेश उन लोगों के लिए है जो शांति से अपने भविष्य की नींव रखना चाहते हैं।
- जोखिम की समझ: चूँकि म्यूचुअल फंड बाज़ार से जुड़े होते हैं, इसलिए इसमें थोड़ा जोखिम होता है। हमेशा किसी अच्छे वित्तीय सलाहकार से बात करके या अच्छी तरह रिसर्च करके ही अपने पैसे लगाएं।
चलते-चलते...
हम अक्सर ₹400-₹500 की कीमत को बहुत छोटा आंकते हैं। एक बार बाहर खाना खा लिया या कुछ गैर-जरूरी शॉपिंग कर ली, तो इतने पैसे खर्च हो जाते हैं। लेकिन अगर इसी पैसे को आज 'बीज' के तौर पर बोया जाए, तो 15 साल बाद आपके पास एक बहुत बड़ा 'वृक्ष' होगा, जो आपकी रिटायरमेंट या आपके बच्चों के सपनों को सहारा देगा।
शुरुआत करना ही सबसे कठिन हिस्सा है, उसके बाद का सफर तो बस निरंतरता (Consistency) का है