Jharkhand Liquor Scam case : लुका-छिपी का खेल खत्म, 400 करोड़ से ज्यादा का घोटाला और ACB का एक मास्टरस्ट्रोक
News India Live, Digital Desk: जब भ्रष्टाचार के बड़े खेल शुरू होते हैं, तो उसके खिलाड़ी अक्सर लंबी दूरी की योजना बनाते हैं। उन्हें लगता है कि राज्य की सीमाएं पार करते ही कानून के हाथ उन तक नहीं पहुंचेंगे। लेकिन झारखंड के 'शराब घोटाले' के मामले में यह धारणा गलत साबित हो गई है। लंबे समय से फरार चल रहे और घोटाले के प्रमुख आरोपियों में से एक नवीन केडिया (Naveen Kedia) को आख़िरकार एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गिरफ्तार कर लिया है।
और सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह गिरफ्तारी रांची के किसी बंगले से नहीं, बल्कि गोवा के बीच (Beach) किनारे छिपे होने के दौरान हुई है।
आखिर क्या है नवीन केडिया का रोल?
आज 8 जनवरी 2026 है और पिछले कुछ समय से झारखंड की राजनीति में इस शराब घोटाले को लेकर खूब शोर मचा है। नवीन केडिया पर आरोप है कि उन्होंने नियम-कानूनों को दरकिनार करते हुए शराब के धंधे में भारी हेराफेरी की। इसमें न सिर्फ टैक्स की चोरी की बात सामने आ रही है, बल्कि सिंडिकेट बनाकर सरकार को करोड़ों के राजस्व (Revenue) का चूना लगाने का भी संगीन मामला है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, केडिया इस पूरे 'सिस्टम' का एक अहम हिस्सा थे।
गोवा की लोकेशन और ACB का पीछा
जब भी कोई आरोपी खुद को बचाने के लिए भागता है, तो गोवा जैसी जगह उसे छिपने के लिए सुरक्षित लगती है। नवीन केडिया भी पुलिस और ACB के रडार से दूर वहीं कहीं 'छुट्टियां' मना रहे थे या शायद शांत होने का इंतजार कर रहे थे। लेकिन ACB की टीम उनकी हर लोकेशन पर नज़र रखे हुए थी। एक खुफिया इनपुट मिला और एसीबी ने वहां दबिश दी और उन्हें धर दबोचा। अब उन्हें वापस झारखंड लाया जा रहा है, जहाँ उनसे सघन पूछताछ होगी।
क्या अब खुलेंगे बड़े-बड़े सफेदपोशों के राज?
नवीन केडिया की गिरफ्तारी सिर्फ़ एक आदमी की पकड़ नहीं है। उनके पकड़े जाने का मतलब है—उन फाइलें का खुलना, जिनमें कई रसूखदार लोगों के नाम दफन हो सकते हैं। घोटाले में सिर्फ व्यापारी ही नहीं, बल्कि विभाग के कुछ 'बड़े लोगों' के भी शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि केडिया अब पूछताछ में कई ऐसी बातें उगल सकते हैं, जिनसे रांची के राजनैतिक हलकों में एक और तूफान खड़ा हो जाएगा।