पंजाब में सुरक्षा को चुनौती मोगा के नामी स्कूलों को उड़ाने की धमकी, साइबर सेल खंगाल रहा मेल का सच

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News India Live, Digital Desk : आज सुबह-सुबह मोगा (Punjab, Moga) से एक ऐसी खबर आई जिसने हर माँ-बाप का दिल एक पल के लिए रोक दिया। ज़रा सोचिए, आप अपने बच्चे को सुबह तैयार करके, टिफिन पैक करके स्कूल भेजते हैं और कुछ ही देर बाद खबर मिलती है कि स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। पैरों तले जमीन खिसकना इसी को कहते हैं।

आज मोगा के कुछ निजी स्कूलों (Private Schools) के साथ ठीक यही हुआ। स्कूलों के मैनेजमेंट के पास एक धमकी भरा ईमेल आया, जिसने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया।

क्या लिखा था उस ईमेल में?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुबह के वक्त स्कूल प्रशासन को एक अनजान आईडी से ईमेल मिला। इसमें साफ तौर पर लिखा था कि "स्कूल में बम रखा गया है।" ऐसी खबर मिलते ही स्कूल प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए। उन्होंने बिना देरी किए तुरंत पुलिस को सूचना दी।

पुलिस की फुर्ती और खाली हुआ स्कूल

गनीमत यह रही कि मोगा पुलिस (Moga Police) ने भी इस मामले में जरा भी कोताही नहीं बरती। खबर मिलते ही सायरन बजाती गाड़ियां मौके पर पहुँच गईं। पुलिस के बड़े अधिकारी, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ता (Bomb Squad) तुरंत एक्शन में आ गए।

सबसे पहली प्राथमिकता थी—बच्चों की सुरक्षा। पुलिस ने बहुत ही सूझबूझ से और बिना भगदड़ मचाए, सारे बच्चों और टीचर्स को स्कूल की बिल्डिंग से बाहर निकाला। बच्चों को खुले मैदान में लाया गया और उनके पेरेंट्स को सूचना दी गई।

पेरेंट्स का बुरा हाल

जैसे ही यह खबर फैली, बदहवास परिजन अपना काम-धाम छोड़कर स्कूल की तरफ दौड़े। गेट पर भीड़ जमा हो गई। हर कोई बस अपनी आँखों से अपने बच्चे को सुरक्षित देखना चाहता था। छोटे-छोटे बच्चे भी पुलिस और इतना हंगामा देखकर सहम गए थे। कुछ बच्चे तो रोते हुए अपने माता-पिता के गले लगे।

जांच में क्या निकला?

पुलिस और बम स्क्वॉड ने चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। क्लासरूम, टॉयलेट, स्टाफ रूम हर जगह चेक किया गया। राहत की बात यह है कि अभी तक कोई भी संदिग्ध वस्तु या बम नहीं मिला है।

ऐसा लगता है कि यह किसी शरारती तत्व या असामाजिक गैंग की करतूत है जिसका मकसद सिर्फ दहशत फैलाना (Hoax Call/Email) था। लेकिन पुलिस इसे हल्के में नहीं ले रही है। साइबर सेल की टीम उस ईमेल आईडी को ट्रैक करने में लगी है ताकि पता चले कि यह मेल कहां से आया है पाकिस्तान से, विदेश से या किसी स्थानीय शरारती का काम है।

शांति बनाए रखें

ऐसी स्थिति में अफवाहें बहुत तेजी से फैलती हैं। हमारा आपसे अनुरोध है कि पैनिक न करें। बच्चे अब सुरक्षित अपने घर पहुँच रहे हैं। पुलिस अपना काम कर रही है और जो भी इसके पीछे होगा, वो जल्द ही सलाखों के पीछे होगा। लेकिन यह घटना एक बार फिर हमें याद दिलाती है कि स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता कितनी जरूरी है।