Indian woman Abroad : मुझे मेरे वतन वापस बुला लो, पाकिस्तान में फंसी सरबजीत की चीख सुनकर पत्थर भी पिघल जाए

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News India Live, Digital Desk : हम अक्सर फिल्मों में देखते हैं कि सरहद पार प्यार होता है और सब कुछ अच्छा हो जाता है। लेकिन हकीकत फिल्मों से कोसों दूर और बेहद डरावनी होती है। आज हम एक ऐसी ही भारतीय महिला, सरबजीत कौर (Sarabjit Kaur) की बात कर रहे हैं, जो गई तो थीं पाकिस्तान किसी और काम से या यात्रा पर, लेकिन आज वहां एक ऐसे दलदल में फंस गई हैं जहाँ से निकलना नामुमकिन सा लग रहा है।

सरबजीत की कहानी हमें झकझोर देती है और सावधान भी करती है कि कभी-कभी अनजान मुल्क और अनजान लोगों पर भरोसा करना कितना भारी पड़ सकता है।

"मेरे साथ जबरदस्ती हुई है"

हाल ही में सरबजीत ने अपनी आपबीती सुनाई है, जो बेहद रोंगटे खड़े करने वाली है। उनका कहना है कि वे अपनी मर्जी से पाकिस्तान में नहीं रुकी हैं, बल्कि उन्हें "फंसाया" गया है।

सरबजीत का आरोप है कि उन्हें डराया-धमकाया गया। बंदूक की नोक पर या किसी दबाव में उनसे जबरदस्ती इस्लाम धर्म कबूल करवाया गया। बात सिर्फ धर्म बदलने तक नहीं रुकी, बल्कि उनके साथ जुल्म की इंतेहा तब हो गई जब जबरन उनका निकाह (शादी) भी करवा दिया गया।

ज़रा सोचिए, एक महिला जो अपने परिवार, अपने देश और अपनी संस्कृति से दूर है, उसे वहां कोई सहारा देने वाला नहीं है, उसके साथ वहां कैसा सुलूक हो रहा होगा।

क्या है पूरा मामला?

अक्सर ऐसा होता है कि जत्थे के साथ जाने वाले या बीजा लेकर जाने वाले लोग वहां किसी न किसी के संपर्क में आते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरबजीत के साथ भी कुछ ऐसा ही धोखा हुआ। जिसे उन्होंने मददगार समझा, वही उनके लिए मुसीबत बन गया।

सरबजीत अब कह रही हैं कि उन्हें इन सब पचड़ों में नहीं पड़ना था। वो बस भारत वापस आना चाहती हैं। उनकी आंखों में वो डर साफ़ देखा जा सकता है जो एक कैद पंछी की आंखों में होता है। उनका कहना है कि जो भी कागजात या बयान दिखाए जा रहे हैं, वो सब दबाव में लिए गए हैं।

परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

इधर भारत में सरबजीत के परिवार वालों का कलेजा मुंह को आ गया है। वे लगातार सरकार और प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं कि किसी भी तरह उनकी बेटी को उस 'जाल' से बाहर निकाला जाए। उन्हें डर है कि कहीं पाकिस्तान में सरबजीत के साथ कोई अनहोनी न हो जाए।

सरकार से उम्मीद

यह मामला अब सिर्फ़ एक महिला का नहीं, बल्कि देश की गरिमा और सुरक्षा का है। ऐसे मामलों में अक्सर भारत सरकार और विदेश मंत्रालय कड़े कदम उठाता है। हम सब बस यही उम्मीद कर रहे हैं कि दोनों देशों के बीच बात हो और सरबजीत को सुरक्षित वतन वापस लाया जा सके।

एक सबक हम सबके लिए

सरबजीत की कहानी हम सबके लिए एक चेतावनी है। सोशल मीडिया के इस दौर में सरहद पार की दोस्ती या वादों पर आँख बंद करके भरोसा करना कभी भी जानलेवा हो सकता है। फिलहाल पूरा देश सरबजीत के लिए दुआ कर रहा है।