भारत के लिए इजरायल ने तोड़े सारे नियम देने जा रहा है सीक्रेट हथियारों का जखीरा, ड्रैगन और पाकिस्तान की उड़ी नींद
News India Live, Digital Desk: भारत और इजरायल की दोस्ती अब एक ऐसे मुकाम पर पहुँच गई है जहाँ 'नियम' मायने नहीं रखते। रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी हलचल के तहत इजरायल ने भारत के लिए अपनी डिफेंस एक्सपोर्ट पॉलिसी के सभी कड़े नियमों को किनारे रख दिया है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल भारत को अपने उन 'सीक्रेट हथियारों' (Secret Weapons) की तकनीक और जखीरा देने को तैयार है, जिन्हें वह आमतौर पर किसी भी दूसरे देश के साथ साझा नहीं करता।
इजरायल का भारत को 'स्पेशल ऑफर'
इजरायली रक्षा मंत्रालय और वहां की प्रमुख डिफेंस कंपनियों (जैसे IAI और Rafael) ने भारत को 'पसंदीदा साझेदार' (Preferred Partner) का दर्जा दिया है। इसका मतलब यह है कि भारत को अब इजरायल से हथियार खरीदने के लिए लंबी कागजी कार्रवाई या अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों जैसी बाधाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इस डील की 3 सबसे बड़ी बातें:
एडवांस्ड ड्रोन टेक्नोलॉजी: इजरायल अपने सबसे घातक 'हेरोन' (Heron) सीरीज के ड्रोन्स और उनके अपग्रेडेड वर्जन भारत को देगा।
मिसाइल डिफेंस सिस्टम: चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर तैनात करने के लिए और भी सटीक 'बराक' (Barak) मिसाइल सिस्टम की नई खेप।
टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (ToT): इजरायल अब सिर्फ हथियार नहीं बेचेगा, बल्कि 'मेक इन इंडिया' के तहत भारत में ही इन हथियारों को बनाने की गुप्त तकनीक साझा करेगा।
क्यों खास है यह दोस्ती?
हथियारों के विशेषज्ञों का मानना है कि इजरायल का यह कदम वैश्विक राजनीति में भारत के बढ़ते कद को दर्शाता है। इजरायल उन देशों में शामिल है जिसने कारगिल युद्ध से लेकर बालाकोट एयरस्ट्राइक तक, हर मुश्किल वक्त में भारत का साथ दिया है। अब यह नई 'सीक्रेट वेपन' डील भारत की मारक क्षमता को कई गुना बढ़ा देगी।
दुश्मन देशों में खलबली
इजरायल और भारत की इस बढ़ती सैन्य नजदीकी ने चीन और पाकिस्तान की चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर लद्दाख और एलओसी (LoC) पर भारत की बढ़ती इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW) क्षमता ने दुश्मनों के होश उड़ा दिए हैं। इजरायली तकनीक की मदद से भारतीय सेना अब दुश्मन के रडार को और भी आसानी से चकमा दे सकेगी।
भविष्य की तैयारी: स्पेस और साइबर डिफेंस
खबरों की मानें तो इजरायल सिर्फ जमीन और आसमान ही नहीं, बल्कि स्पेस और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भी भारत की मदद करने जा रहा है। आने वाले समय में दोनों देश मिलकर ऐसे सैटेलाइट्स और सॉफ्टवेयर विकसित करेंगे जो दुश्मन की हर हरकत पर 24 घंटे पैनी नजर रखेंगे।