ट्रंप का टैरिफ बम फटा भारत पर पड़ेगा 10% ग्लोबल टैक्स का बोझ, जानें आपकी जेब और देश की अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर

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News India Live, Digital Desk: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पद संभालते ही अपनी 'अमेरिका फर्स्ट' नीति के तहत एक बड़ा आर्थिक फैसला लिया है। ट्रंप ने सभी आयातित सामानों पर 10 प्रतिशत का 'ग्लोबल टैरिफ' (Universal Baseline Tariff) लगाने का एलान कर दिया है। इस फैसले ने न केवल चीन, बल्कि भारत जैसे बड़े व्यापारिक साझेदारों की भी चिंता बढ़ा दी है। आइए जानते हैं कि भारत को अब अमेरिका को कितना पैसा चुकाना होगा और इसका आप पर क्या असर पड़ेगा।

भारत को देना होगा कितना भारी 'टैक्स'?

विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक, भारत अमेरिका को हर साल अरबों डॉलर का सामान निर्यात करता है। 10% अतिरिक्त शुल्क लगने के बाद:

निर्यात पर बोझ: भारतीय निर्यातकों को अब अमेरिकी बाजार में अपना सामान बेचने के लिए सालाना लगभग 6 से 8 अरब डॉलर (करीब 50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा) अतिरिक्त चुकाने पड़ सकते हैं।

महंगा होगा भारतीय सामान: टैक्स बढ़ने से अमेरिका में बिकने वाले भारतीय उत्पाद महंगे हो जाएंगे, जिससे उनकी डिमांड कम होने का खतरा है।

किन सेक्टर्स पर गिरेगी गाज? (Affected Industries)

ट्रंप के इस फैसले से भारत के कुछ प्रमुख उद्योगों को बड़ा झटका लग सकता है:

IT और सॉफ्टवेयर: भारतीय आईटी कंपनियों के लिए अमेरिका सबसे बड़ा बाजार है। नए नियमों से सर्विस कॉस्ट बढ़ सकती है।

रत्न और आभूषण (Gems & Jewellery): हीरा और सोने के गहनों के निर्यात पर सीधा असर पड़ेगा।

फार्मास्युटिकल: अमेरिका में इस्तेमाल होने वाली हर तीसरी दवा भारत से आती है, जो अब महंगी हो सकती है।

टेक्सटाइल और कपड़े: भारतीय कपड़ों के लिए अमेरिकी बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा होगी।

क्या है ट्रंप का तर्क?

डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि दूसरे देश अमेरिका में अपना सामान सस्ता बेचकर अमेरिकी कंपनियों को नुकसान पहुँचा रहे हैं। उनका कहना है कि इस 10% टैक्स से जो पैसा आएगा, उससे अमेरिका का कर्ज कम किया जाएगा और स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।

भारत के पास क्या है विकल्प?

आर्थिक जानकारों का कहना है कि भारत इस स्थिति से निपटने के लिए दो रास्ते अपना सकता है:

जवाबी कार्रवाई (Counter-Tariffs): भारत भी अमेरिकी सामानों (जैसे हार्ले डेविडसन बाइक, सेब और बादाम) पर आयात शुल्क बढ़ा सकता है।

बातचीत का रास्ता: भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक समझौतों के जरिए कुछ खास सामानों को इस लिस्ट से बाहर रखने की कोशिश की जा सकती है।

आम आदमी पर क्या होगा असर?

हालांकि यह टैक्स अमेरिका में लगने वाला है, लेकिन इसका असर भारत में डॉलर की मजबूती और रुपये की कमजोरी के रूप में दिख सकता है। अगर रुपया गिरता है, तो भारत में पेट्रोल-डीजल और इलेक्ट्रॉनिक सामान महंगे हो सकते हैं।