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March 16 2026 12:10 pm

गाजियाबाद में ISI का डिजिटल जाल भारतीय सेना के बेस की सीक्रेट वीडियो पाकिस्तान भेजी, UK और मलेशिया तक फैला है जासूसी नेटवर्क

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News India Live, Digital Desk: दिल्ली से सटे गाजियाबाद में एक ऐसे जासूसी नेटवर्क (Spy Network) का भंडाफोड़ हुआ है, जिसने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। यूपी एटीएस (UP ATS) और खुफिया विभाग की जांच में सामने आया है कि गाजियाबाद से संचालित होने वाला यह गिरोह न केवल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में था, बल्कि भारतीय सैन्य ठिकानों के संवेदनशील वीडियो और जानकारी विदेशों में भी बेच रहा था।

कैसे काम करता था यह 'स्पाई मॉड्यूल'? पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। यह नेटवर्क भारतीय सेना के मूवमेंट और बेस कैंपों की गुपचुप तरीके से वीडियो रिकॉर्डिंग करता था। इन वीडियो फाइल्स को एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए पाकिस्तान भेजा जाता था। जांच में यह भी पता चला है कि इन जानकारियों के सौदे केवल पाकिस्तान तक सीमित नहीं थे, बल्कि मलेशिया और ब्रिटेन (UK) में बैठे हैंडलर्स को भी यह डेटा मोटी रकम के बदले सप्लाई किया जा रहा था।

हनीट्रैप और लालच का खेल सूत्रों के मुताबिक, इस नेटवर्क ने सेना के कुछ निचले स्तर के कर्मचारियों या उनसे जुड़े लोगों को 'हनीट्रैप' (Honeytrap) या पैसों के लालच में फंसाने की कोशिश की थी। गाजियाबाद का यह मॉड्यूल तकनीकी रूप से काफी एडवांस था और अपनी लोकेशन छिपाने के लिए विदेशी सर्वर और वीपीएन (VPN) का इस्तेमाल कर रहा था।

UP ATS की बड़ी कार्रवाई उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (UP ATS) अब इस मामले में शामिल 'मनी ट्रेल' (Money Trail) की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि जासूसी के बदले जो पैसा आया, वह किन बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट के जरिए रूट किया गया। इस नेटवर्क के तार सीमा पार बैठे किन बड़े आकाओं से जुड़े हैं, इसकी पड़ताल के लिए कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी जारी है