UPI पेमेंट लटकने पर क्या आपका बैंक कर रहा है बहानेबाजी? RBI की इस पावरफुल गाइडलाइन से वसूले अपनी देरी का पैसा

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News India Live, Digital Desk : आजकल हम चाय की टपरी से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल तक, हर जगह बस फोन निकाला और 'स्कैन' कर दिया। यूपीआई (UPI) ने जिंदगी वाकई बहुत आसान बना दी है, लेकिन डर तब लगता है जब हम पेमेंट करते हैं, अकाउंट से पैसे भी कट जाते हैं, लेकिन सामने वाले को मिलते नहीं। वहां लिखा आता है 'पेमेंट फेल्ड'।

ऐसी स्थिति में दिल की धड़कन बढ़ जाना लाजिमी है। हमें डर होता है कि हमारे मेहनत के पैसे कहीं हवा में तो नहीं उड़ गए? और जब हम कस्टमर केयर को फोन करते हैं, तो अक्सर 'इंतजार करें' वाला जवाब मिलता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने आपकी इस परेशानी के लिए बहुत सख्त नियम बना रखे हैं? जी हाँ, अब सिर्फ पैसा वापस मिलना काफी नहीं है, देरी होने पर बैंक को आपको जुर्माना भी देना होगा।

क्या है RBI का T+1 वाला नियम?
सीधे शब्दों में कहें तो आरबीआई का कहना है कि अगर कोई डिजिटल पेमेंट (UPI) फेल होता है, तो बैंक को ट्रांजेक्शन वाले दिन से अगले एक दिन के भीतर (T+1) आपके पैसे खुद-ब-खुद आपके खाते में वापस डाल देने चाहिए। इसे "टर्नअराउंड टाइम" (TAT) कहा जाता है।

हर दिन ₹100 की पेनल्टी: आपका असली हक
अब सबसे ज़रूरी बात। मान लीजिए कि आपके पैसे कटे और अगले दिन तक वापस नहीं आए। नियम के मुताबिक, अगर बैंक तय समय के बाद पैसा वापस करने में देरी करता है, तो उसे ₹100 प्रति दिन के हिसाब से आपको हर्जाना देना होगा। ये पैसा आपके बैंक अकाउंट में तब तक क्रेडिट होता रहेगा, जब तक आपका फेल हुआ पैसा वापस नहीं मिल जाता। मजे की बात ये है कि इसके लिए आपको बैंक के चक्कर काटने की ज़रूरत नहीं है, ये नियम खुद लागू होता है।

लेकिन अगर बैंक बहानेबाजी करे तो क्या करें?
अक्सर बैंक ये पैसे चुपचाप नहीं देते। अगर आपका पेमेंट फेल हुए कई दिन हो गए हैं, तो सबसे पहले अपने पेमेंट ऐप (Google Pay, PhonePe या Paytm) और अपने बैंक में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराएं।

  1. अगर 30 दिन के भीतर आपकी समस्या नहीं सुलझती, तो आप RBI लोकपाल (Ombudsman) के पास शिकायत कर सकते हैं।
  2. लोकपाल को दी गई शिकायत बहुत ताकतवर होती है और वहां बैंकों की बहानेबाजी नहीं चलती।

एक छोटी सी सलाह:
जब भी पेमेंट फेल हो, उसका स्क्रीनशॉट और 'ट्रांजेक्शन आईडी' ज़रूर संभालकर रखें। ये सबूत के तौर पर काम आते हैं।

अगली बार जब डिजिटल पेमेंट अटक जाए, तो परेशान होने के बजाय इन नियमों को याद रखिये। डिजिटल इंडिया में जागरूक रहना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। आपका पैसा, आपकी जिम्मेदारी और आपके ही हक हैं!