BREAKING:
April 14 2026 07:22 am

ईरान-अमेरिका युद्ध: परमाणु ठिकानों और स्टील प्लांट्स पर इजरायली-अमेरिकी बमबारी, $111 के पार पहुंचा कच्चा तेल; क्या 'खर्ग द्वीप' पर होगा कब्जा?

Post

पश्चिम एशिया में जारी महायुद्ध अब एक निर्णायक और बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। शुक्रवार को अमेरिकी और इजरायली वायुसेना ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ईरान के कई रणनीतिक परमाणु ठिकानों और स्टील प्लांट्स को निशाना बनाया। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरान ने फारस की खाड़ी में अपने हमले तेज कर दिए हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति की शर्तों को सिरे से खारिज कर दिया है। इस सैन्य कार्रवाई के बाद वैश्विक बाजार में हड़कंप मच गया है और कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं।

परमाणु परिसरों पर स्ट्राइक: अराक और यज्द में भारी बमबारी

ईरानी मीडिया के अनुसार, शुक्रवार को हुए हमलों का मुख्य केंद्र ईरान का परमाणु ढांचा रहा।

अराक परमाणु परिसर: यहाँ स्थित हैवी-वॉटर रिसर्च रिएक्टर पर सटीक हमले किए गए।

यलो केक प्लांट: यज्द प्रांत में स्थित 'येलो केक' प्रोडक्शन प्लांट को भी निशाना बनाया गया।

ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने दावा किया है कि इन हमलों से कोई रेडियोएक्टिव रिसाव नहीं हुआ है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ईरान की परमाणु क्षमता को गहरा धक्का लगा है। इसके अलावा, ईरान की दो सबसे बड़ी स्टील कंपनियों पर भी बमबारी की गई है ताकि उसकी आर्थिक कमर तोड़ी जा सके।

ईरान का जवाबी हमला: कुवैत और रियाद तक पहुंचा बारूद

अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई के जवाब में ईरान ने भी अपने पड़ोसियों पर ड्रोन और मिसाइलों की बरसात कर दी है।

कुवैत और दोहा: ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, कुवैत के दो बंदरगाह क्षतिग्रस्त हो गए हैं और कतर की राजधानी दोहा में मिसाइल अलर्ट जारी किया गया है।

सऊदी अरब: सऊदी सेना ने अपनी राजधानी रियाद की ओर आ रहे कई ईरानी ड्रोन्स को हवा में ही मार गिराया।

इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान नागरिकों को निशाना बनाना बंद नहीं करता, तो हमले और तेज किए जाएंगे।

तेल का संकट: $111 प्रति बैरल और महंगाई का खतरा

इस युद्ध का सबसे भयावह असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है। होर्मुज जलमार्ग (Strait of Hormuz) के बाधित होने और तेल संयंत्रों पर हमलों के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत 111 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। इस साल तेल की कीमतों में 82% का भारी उछाल आ चुका है। ट्रंप प्रशासन ने फिलहाल एनर्जी प्लांट्स पर हमलों को 6 अप्रैल तक टालने का संकेत दिया है, लेकिन तनाव कम होने के आसार नहीं दिख रहे हैं।

शांति प्रस्ताव और शर्तें: आपसी सहमति से कोसों दूर दोनों पक्ष

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सामने 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव रखा है, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल भंडार पर पूर्ण प्रतिबंध की शर्त है। इसके बदले में प्रतिबंधों से राहत देने की बात कही गई है। वहीं, ईरान ने अपनी 5 शर्तें रखी हैं, जिनमें:

होर्मुज जलमार्ग पर ईरान का एकाधिकार बना रहे।

भविष्य में कभी हमला न करने की लिखित गारंटी।

युद्ध की क्षतिपूर्ति (हर्जाना) का भुगतान।

फिलहाल दोनों पक्ष अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े हुए हैं, जिससे कूटनीतिक समाधान की उम्मीदें धुंधली पड़ती जा रही हैं।

अगला कदम: क्या खर्ग द्वीप पर होगा अमेरिकी कब्जा?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने संकेत दिया है कि यह लड़ाई लंबी नहीं चलेगी और अमेरिका बिना जमीनी सेना उतारे अपने लक्ष्य हासिल कर सकता है। हालांकि, पेंटागन द्वारा 10,000 अतिरिक्त सैनिक मध्य-पूर्व भेजने की तैयारी है। खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका ईरान के 'खर्ग द्वीप' (तेल निर्यात का मुख्य केंद्र) पर कब्जा करने और ईरान के 440 किलो समृद्ध यूरेनियम को बरामद करने के लिए विशेष कमांडो दस्ता भेज सकता है।