Iran New Supreme Leader: अयातुल्ला के बेटे मोजतबा खामेनेई बने ईरान के नए सर्वोच्च नेता, भड़के डोनाल्ड ट्रंप ने दे डाली बड़ी चेतावनी
ईरान और मिडिल ईस्ट में मचे भारी बवाल के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के करीब एक हफ्ते बाद, ईरान को अपना नया सुप्रीम लीडर मिल गया है। ईरान की 'विशेषज्ञों की सभा' (Assembly of Experts) ने दिवंगत नेता के बेटे मोजतबा अली खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता नियुक्त कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पूरा खाड़ी क्षेत्र युद्ध की आग में जल रहा है।
आधी रात को हुआ एलान, विशेषज्ञों की सभा ने लगाई मुहर
सोमवार को ईरानी सरकारी मीडिया ने इस बड़े फैसले की आधिकारिक पुष्टि की। तेहरान समयानुसार आधी रात के तुरंत बाद जारी किए गए एक बयान में बताया गया कि संविधान के अनुच्छेद 108 के तहत अयातुल्ला सैयद मोजतबा हुसैनी खामेनेई को ईरान के इस्लामी गणराज्य का तीसरा सर्वोच्च नेता चुना गया है। विशेषज्ञों की सभा ने इस फैसले पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के भीतर गहरी पैठ रखने वाले मोजतबा को लंबे समय से उनके पिता का राजनीतिक वारिस माना जा रहा था।
भड़के डोनाल्ड ट्रंप, कहा- 'मुझे भी चयन में शामिल होना था'
ईरान के इस बड़े कदम से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भड़क गए हैं। ट्रंप ने पहले ही यह मंशा जाहिर की थी कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर के चुनाव में उनकी भी भूमिका होनी चाहिए। मोजतबा की ताजपोशी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने इसे 'वक्त की बर्बादी' करार दिया। अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस के मुताबिक, ट्रंप ने कहा कि खामेनेई का बेटा महज एक मामूली नेता है और उन्हें इस नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल होना चाहिए था। ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि अगर मोजतबा ने अपने पिता की कट्टरपंथी नीतियों को आगे बढ़ाया, तो भविष्य में अमेरिका के साथ फिर से भयानक टकराव हो सकता है।
इजरायल की खुली धमकी के बीच कांटों भरा ताज
मोजतबा की यह नियुक्ति आग के दरिया को पार करने जैसी है। एक तरफ जहां इजरायल ने पहले ही खुलेआम ऐलान कर रखा है कि वह ईरान के नए सुप्रीम लीडर को भी अपना निशाना बनाएगा, वहीं दूसरी ओर मिडिल ईस्ट का संकट गहराता जा रहा है। कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार जा चुकी हैं और सऊदी अरब में ईरानी मिसाइल हमलों (जिसमें एक भारतीय की भी मौत हुई है) के बाद अमेरिका ने अपने दूतावास कर्मचारियों को तुरंत सऊदी छोड़ने का आदेश दे दिया है। ऐसे भारी तनाव के बीच मोजतबा के कंधों पर सत्ता का भारी बोझ आ गया है।
कौन हैं ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा अली खामेनेई?
साल 1969 में ईरान के मशहद शहर में जन्मे मोजतबा हुसैनी खामेनेई ने अपना बचपन अपने पिता के संघर्ष के दिनों में बिताया। उस वक्त उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई ईरान के शाह मोहम्मद रजा पहलवी के खिलाफ बगावत का बड़ा चेहरा बन रहे थे। मोजतबा ने शिया इस्लामी शिक्षा के अहम केंद्र 'कोम' के मदरसों से अपनी धार्मिक तालीम पूरी की। युवावस्था में ही उन्होंने ईरान-इराक युद्ध में हिस्सा लिया था, जिसकी वजह से ईरानी सुरक्षा तंत्र और खासकर IRGC के साथ उनके मजबूत रिश्ते बन गए।
साल 2019 में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने मोजतबा पर यह कहते हुए कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे कि वह किसी भी सरकारी पद पर न होने के बावजूद पर्दे के पीछे से सत्ता चलाते हैं। निजी जिंदगी की बात करें तो मोजतबा की शादी एक बड़े रूढ़िवादी नेता की बेटी जहरा हद्दाद-आदेल से हुई है। मोजतबा अपनी पारिवारिक जिंदगी को मीडिया और चकाचौंध से बेहद दूर रखना ही पसंद करते हैं।