ईरान के खिलाफ UN में भारत का बड़ा कदम, GCC देशों पर हमले की निंदा वाले प्रस्ताव का किया समर्थन
News India Live, Digital Desk : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक बड़ा और कड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है। भारत ने खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों के बुनियादी ढांचे पर ईरान द्वारा किए गए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है। भारत का यह फैसला खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता और अपने व्यापारिक हितों की रक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
UNSC में भारत ने क्या कहा? संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कहा कि नागरिक और आर्थिक बुनियादी ढांचे पर किसी भी तरह का हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की। भारत ने साफ किया कि खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में शांति केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी अनिवार्य है।
GCC देशों के साथ भारत के मजबूत होते रिश्ते विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का यह रुख सऊदी अरब, यूएई और कतर जैसे खाड़ी देशों के साथ उसकी गहरी होती रणनीतिक साझेदारी का परिणाम है। इन देशों में लाखों भारतीय प्रवासी रहते हैं और भारत की ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा यहीं से आता है। ऐसे में इन देशों की सुरक्षा भारत की अपनी प्राथमिकता बन गई है।
ईरान-भारत संबंधों पर असर? हालांकि भारत ने निंदा प्रस्ताव का समर्थन किया है, लेकिन नई दिल्ली ने हमेशा की तरह संतुलन बनाने की कोशिश भी की है। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह क्षेत्र में किसी भी पक्ष की ओर से की जा रही हिंसा के खिलाफ है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि तेहरान भारत के इस कूटनीतिक स्टैंड को किस तरह लेता है, खासकर तब जब दोनों देश चाबहार बंदरगाह जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर साथ काम कर रहे हैं।
युद्ध के बीच कूटनीति की बिसात यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है। भारत का यह कदम वैश्विक मंच पर एक 'जिम्मेदार वैश्विक शक्ति' (Responsible Global Power) के रूप में उसकी छवि को और मजबूत करता है, जो बिना किसी पक्षपात के अंतरराष्ट्रीय नियमों के पक्ष में खड़ा होता है।