दुश्मन के काल बनेंगे भारतीय मिसाइल जानें क्या है रामजेट तकनीक, जिससे कांप उठेंगे चीन और पाकिस्तान

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News India Live, Digital Desk: भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने रक्षा क्षेत्र में एक ऐसी कामयाबी हासिल करने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं, जो भारतीय सेना (Indian Army) और वायुसेना (IAF) की ताकत में चार चांद लगा देगी। भारत अब 'रामजेट' (Ramjet Technology) तकनीक पर तेजी से काम कर रहा है। यह तकनीक न केवल मिसाइलों की मारक क्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि उनकी गति को इतना तीव्र कर देगी कि दुश्मन का एयर डिफेंस सिस्टम उसे भांप भी नहीं पाएगा।

क्या है रामजेट तकनीक और यह कैसे काम करती है?

रामजेट एक प्रकार का 'एयर-ब्रीदिंग' इंजन (Air-breathing Engine) है। साधारण मिसाइलों में ऑक्सीडाइजर साथ ले जाना पड़ता है, जिससे मिसाइल का वजन बढ़ जाता है। लेकिन रामजेट इंजन उड़ान के दौरान वायुमंडल से ही ऑक्सीजन खींचता है। यह हवा को बहुत तेज गति से कंप्रेस करता है और ईंधन के साथ जलाकर जबरदस्त थ्रस्ट पैदा करता है। इससे मिसाइल की गति सुपरसोनिक (ध्वनि की गति से तेज) हो जाती है।

भारतीय सेना और वायुसेना के लिए क्यों है गेमचेंजर?

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस तकनीक के आने के बाद भारत की 'हवा से हवा' और 'सतह से हवा' में मार करने वाली मिसाइलें और भी घातक हो जाएंगी।

लंबी दूरी तक सटीक वार: वजन कम होने के कारण मिसाइलें ज्यादा ईंधन ले जा सकेंगी, जिससे उनकी रेंज बढ़ जाएगी।

सुपरसोनिक स्पीड: रामजेट इंजन मिसाइल को Mach 3 से Mach 6 तक की गति प्रदान कर सकता है।

सटीक निशाना: तेज गति के कारण दुश्मन के विमानों को संभलने का मौका नहीं मिलेगा।

DRDO का मिशन: आत्मनिर्भर भारत की बड़ी उड़ान

DRDO काफी समय से 'सॉलिड फ्यूल डक्टेड रामजेट' (SFDR) तकनीक का परीक्षण कर रहा है। यह तकनीक भारत को उन चुनिंदा देशों की कतार में खड़ा कर देगी जिनके पास अपनी स्वदेशी रैमजेट तकनीक है। इससे भविष्य में अस्त्र (Astra) जैसी मिसाइलों के अगले वेरिएंट्स को और भी खतरनाक बनाया जा सकेगा।

चीन और पाकिस्तान की बढ़ेगी टेंशन

एलएसी (LAC) और एलओसी (LOC) पर जारी तनाव के बीच भारत का यह कदम सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस तकनीक से लैस मिसाइलें हिमालय की ऊंचाइयों से लेकर समंदर की लहरों तक, भारत की सीमाओं को अभेद्य कवच प्रदान करेंगी।