बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के घर इनकम टैक्स का छापा ,लखनऊ से बलिया तक 50 से ज्यादा अफसर खंगाल रहे दस्तावेज

Post

News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश की राजनीति से आज की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) के प्रदेश में इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह (Umashankar Singh) के ठिकानों पर आयकर विभाग (Income Tax) ने बुधवार (25 फरवरी 2026) सुबह तड़के बड़ी छापेमारी की है। लखनऊ के गोमतीनगर स्थित उनके आवास और दफ्तर सहित कई ठिकानों पर 50 से अधिक अधिकारियों की टीम जांच में जुटी है।

छापेमारी की मुख्य बातें (Key Highlights)

समय और स्थान: छापेमारी आज सुबह करीब 7:00 बजे शुरू हुई। लखनऊ के विपुल खंड, गोमतीनगर स्थित आवास और उनके गृह जनपद बलिया (रसड़ा) के ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई चल रही है।

अधिकारियों की टीम: आयकर विभाग के करीब 50 से ज्यादा अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद है। अधिकारियों ने घर को चारों तरफ से घेर लिया है और किसी के भी अंदर-बाहर आने-जाने पर रोक लगा दी है।

जांच का विषय: सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी वित्तीय अनियमितताओं, बेनामी संपत्ति और आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को लेकर की जा रही है। टीम घर के भीतर मौजूद डिजिटल डिवाइस, बैंक लॉकर के दस्तावेज और जमीन से जुड़ी फाइलों को खंगाल रही है।

स्वास्थ्य संबंधी चिंता: बताया जा रहा है कि विधायक उमाशंकर सिंह पिछले कुछ समय से कैंसर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और उनके दो ऑपरेशन भी हो चुके हैं। वे वर्तमान में आइसोलेशन में थे, जिस दौरान यह कार्रवाई हुई।

कौन हैं उमाशंकर सिंह?

उमाशंकर सिंह उत्तर प्रदेश की रसड़ा (बलिया) सीट से लगातार तीसरी बार विधायक हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में जब बसपा का सूपड़ा साफ हो गया था, तब वे अकेले ऐसे उम्मीदवार थे जिन्होंने अपनी सीट बचाई और विधानसभा पहुंचे। राजनीति के साथ-साथ वे पीडब्ल्यूडी (PWD) के बड़े ठेकेदार भी हैं और उनका कंस्ट्रक्शन का बड़ा कारोबार है।

हालिया विवाद और राजनीतिक मायने

यह छापेमारी ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में उमाशंकर सिंह की बलिया के स्थानीय मंत्री दयाशंकर सिंह के साथ जुबानी जंग सुर्खियों में रही थी। साथ ही, मार्च 2025 में उनके खिलाफ विजिलेंस जांच (सतर्कता अनुभाग) के आदेश भी दिए गए थे, जिसमें उनकी पत्नी और बच्चों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों का ब्योरा मांगा गया था।

महत्वपूर्ण: आयकर विभाग की ओर से अभी तक इस छापेमारी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई काफी लंबी चल सकती है।