महाराष्ट्र में Ola-Uber और Rapido की बाइक टैक्सी पर लगा ब्रेक सरकार ने छीना लाइसेंस, जानें अब कैसे होगा सफर

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News India Live, Digital Desk: अगर आप मुंबई, पुणे या महाराष्ट्र के अन्य बड़े शहरों में बाइक टैक्सी के जरिए सफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। महाराष्ट्र सरकार ने एक कड़ा फैसला लेते हुए ओला, उबर और रैपिडो जैसी दिग्गज एग्रीगेटर कंपनियों के अस्थायी लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से राज्य में बाइक टैक्सी सेवाओं पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

क्यों हुई इतनी बड़ी कार्रवाई?

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने विधान परिषद में इस फैसले की जानकारी दी। सरकार की इस नाराजगी की मुख्य वजहें निम्नलिखित हैं:

पेट्रोल बाइक का अवैध इस्तेमाल: सरकार ने केवल इलेक्ट्रिक बाइक (e-bike) टैक्सी चलाने की अनुमति दी थी ताकि प्रदूषण कम हो सके। लेकिन जांच में पाया गया कि कंपनियां धड़ल्ले से पेट्रोल से चलने वाली बाइक का इस्तेमाल कर रही थीं।

दस्तावेजों में कमी: कंपनियों को एक महीने के भीतर जरूरी कागजात और सुरक्षा मानकों को पूरा करने का समय दिया गया था, जिसमें वे विफल रहीं।

सुरक्षा और दुर्घटनाएं: पिछले कुछ समय में बाइक टैक्सी से जुड़ी दुर्घटनाओं और विशेषकर महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कई शिकायतें दर्ज की गई थीं।

नियमों की अवहेलना: 'महाराष्ट्र ई-बाइक-टैक्सी नियम 2025' के तहत तय किए गए प्रावधानों का बार-बार उल्लंघन किया जा रहा था।

अब आगे क्या होगा?

परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि अब केवल बाइक चलाने वाले चालक ही नहीं, बल्कि बाइक के मालिक पर भी सीधे मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

एक महीने की मोहलत: सरकार ने कंपनियों को सुधार के लिए अंतिम 30 दिनों का समय दिया है।

स्थायी पाबंदी का डर: यदि इस अवधि में भी नियमों का पालन नहीं हुआ, तो इनका लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा।

सिर्फ ई-बाइक को हरी झंडी: सरकार का रुख स्पष्ट है महाराष्ट्र की सड़कों पर केवल वही बाइक टैक्सी चलेगी जो 100% इलेक्ट्रिक होगी और सरकार के सुरक्षा मानकों पर खरी उतरेगी।

आम जनता पर असर

इस फैसले से उन हजारों लोगों को परेशानी हो सकती है जो 'लास्ट माइल कनेक्टिविटी' के लिए बाइक टैक्सी का सहारा लेते थे। हालांकि, सरकार का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और पर्यावरण से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।