ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए? घबराएं नहीं वो शुरुआती 1 घंटा दिला सकता है आपके पैसे वापस

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News India Live, Digital Desk : आज हम डिजिटल युग में जी रहे हैं। शॉपिंग हो या बैंकिंग, सब कुछ फोन पर है। लेकिन इसी सुविधा के साथ सायबर ठग भी हाई-टेक हो गए हैं। अक्सर हम सुनते हैं कि किसी के लिंक पर क्लिक करते ही बैंक खाता खाली हो गया।

ऐसी स्थिति में इंसान सबसे पहले घबराता है, पुलिस स्टेशन भागता है या बैंक को कॉल करता है। लेकिन इसमें बहुत वक्त बर्बाद हो जाता है। सायबर सुरक्षा के एक्सपर्ट्स का कहना है कि फ्रॉड होने के बाद का पहला एक घंटा (जिसे 'Golden Hour' कहा जाता है) सबसे कीमती होता है। अगर आप इस एक घंटे के भीतर सही एक्शन ले लें, तो आपके पैसे वापस मिलने की उम्मीद 90% तक बढ़ जाती है।

सबसे पहले क्या करें? (Dial 1930)
अगर आपके साथ कोई वित्तीय धोखाधड़ी (Financial Fraud) हुई है, तो बिना एक मिनट भी गंवाए अपने फोन से राष्ट्रीय सायबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 डायल करें।
यह नंबर गृह मंत्रालय द्वारा चलाया जाता है और यह सीधे 'सिटीजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम' (CFCFRMS) से जुड़ा है।

यह कैसे काम करता है?
जैसे ही आप 1930 पर कॉल करते हैं और अपनी शिकायत दर्ज कराते हैं, यह सिस्टम तुरंत एक अलर्ट जारी करता है।

  1. यह अलर्ट उस बैंक/वॉलेट को जाता है जहाँ से पैसा कटा है।
  2. साथ ही, उस बैंक को भी अलर्ट जाता है जहाँ ठग ने पैसा भेजा है।
  3. अगर आप जल्दी (गोल्डन ऑवर में) कॉल कर लेते हैं, तो सिस्टम ठग द्वारा पैसे निकालने या आगे ट्रांसफर करने से पहले ही उस रकम को वहीं 'होल्ड' या 'फ्रीज' कर देता है।

एक बार पैसा फ्रीज हो गया, तो फिर उसे कानूनी प्रक्रिया के बाद आपके खाते में वापस लाया जा सकता है। लेकिन अगर देर हो गई और ठग ने पैसा एटीएम से निकाल लिया या दस अलग-अलग खातों में घुमा दिया, तो रिकवरी बहुत मुश्किल हो जाती है।

पोर्टल पर भी करें शिकायत
हेल्पलाइन पर कॉल करने के अलावा, आप सरकार की वेबसाइट cybercrime.gov.in पर जाकर भी अपनी शिकायत रजिस्टर करवा सकते हैं।

किन बातों का रखें ध्यान?

  • घबराहट में फ्रॉड वाले मैसेज (SMS) या ईमेल डिलीट न करें। ये सबूत हैं।
  • ट्रांजैक्शन आईडी (Transaction ID), कटने की तारीख और समय लिखकर रखें।
  • पुलिस थाने में FIR दर्ज करवाना बाद का स्टेप है, पहला स्टेप है पैसे के प्रवाह को रोकना, जो 1930 के जरिए ही संभव है।

तो इस नंबर को अपने फोन में आज ही सेव कर लें। जानकारी ही बचाव है! खुद भी सतर्क रहें और अपने परिवार के बुजुर्गों को भी यह नंबर जरूर रटा दें।