AI सिर्फ आपका होमवर्क नहीं कर रहा, वह आपकी नौकरी भी खा सकता है जानिए एक्सपर्ट्स की राय
News India Live, Digital Desk : हम 2026 में जी रहे हैं और हमारे आसपास चीजें बहुत तेजी से बदल रही हैं। कल तक हम ChatGPT या AI टूल्स का इस्तेमाल सिर्फ ईमेल लिखने या कोडिंग पूछने के लिए करते थे, लेकिन अब यह टेक्नोलॉजी हमारे स्कूलों और क्लासरूम के दरवाज़े तक आ पहुंची है। एक बड़ा सवाल जो हर किसी के, खासकर शिक्षकों और अभिभावकों के मन में है "क्या AI शिक्षकों की जगह ले लेगा?"
यह डर वाजिब है, लेकिन घबराने से पहले हमें तस्वीर का दूसरा पहलू भी देखना होगा।
क्या कहते हैं बड़े-बड़े दिग्गज?
दुनिया के बड़े टेक दिग्गजों, जैसे बिल गेट्स, ने पहले ही इशारा कर दिया था कि आने वाला समय AI का होगा। उनका मानना है कि AI बच्चों को पढ़ाने, उन्हें उनकी रफ़्तार से सिखाने (Personalized Learning) में इंसानों से भी बेहतर साबित हो सकता है। एक AI ट्यूटर थकता नहीं है, वह एक ही सवाल का जवाब 100 बार बिना गुस्सा किए दे सकता है और हर बच्चे की कमजोरी पकड़कर उसे सुधार सकता है।
तो क्या टीचर बेरोजगार हो जाएंगे?
जवाब है— बिल्कुल नहीं! हाँ, पढ़ाने का तरीका जरूर बदलेगा, लेकिन शिक्षक की भूमिका खत्म नहीं होगी। इसे ऐसे समझिए:
- AI 'सूचना' दे सकता है, 'संस्कार' नहीं: एक रोबोट या सॉफ्टवेयर आपको इतिहास की तारीखें या गणित के फार्मूले तो रटा सकता है, लेकिन वह आपको जीवन का पाठ नहीं पढ़ा सकता। बच्चे के सिर पर हाथ फेरकर शाबाशी देना, उनके दुखी होने पर उन्हें समझना और उन्हें प्रेरित (Motivate) करना—यह काम सिर्फ एक इंसानी टीचर ही कर सकता है।
- सहयोगी, न कि दुश्मन: भविष्य में AI शिक्षकों का 'दुश्मन' नहीं बल्कि 'असिस्टेंट' बनेगा। पेपर चेक करना, रिजल्ट बनाना या हाजिरी लेना ये सारे बोरिंग काम AI करेगा, ताकि शिक्षक अपना पूरा समय बच्चों को बेहतर इंसान बनाने में लगा सकें।
डरना चाहिए या खुश होना चाहिए?
सिक्के के दो पहलू हैं। जो लोग बदलाव से डरेंगे और नई तकनीक (New Technology) को नहीं सीखेंगे, उनके लिए खतरा हो सकता है। 2026 में वही शिक्षक टिक पाएगा जो टेक्नोलॉजी से दोस्ती करेगा।
हमें यह स्वीकार करना होगा कि AI शिक्षा को सस्ता और सुलभ बना सकता है। गरीब से गरीब बच्चा भी दुनिया के बेहतरीन AI ट्यूटर से पढ़ सकता है। यह एक क्रांति है।