डील टूटी तो सेना भेज देंगे डिएगो गार्सिया पर डोनाल्ड ट्रंप की खुली चेतावनी जानें भारत के लिए क्यों है यह गुड न्यूज

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News India Live, Digital Desk : हिंद महासागर की लहरों के बीच स्थित एक छोटा सा द्वीप 'डिएगो गार्सिया' (Diego Garcia) इस समय वैश्विक राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन और मॉरीशस के बीच हुए 'चागोस द्वीप समूह' समझौते को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। ट्रंप ने न केवल चेतावनी दी है, बल्कि जरूरत पड़ने पर सैन्य हस्तक्षेप की बात कहकर पूरी दुनिया को चौंका दिया है।

क्या है पूरा विवाद? (The Big Debate)

पिछले साल ब्रिटेन की कीर स्टारमर सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए चागोस द्वीप समूह की संप्रभुता मॉरीशस को सौंपने पर सहमति जताई थी। इस समझौते के तहत डिएगो गार्सिया स्थित महत्वपूर्ण सैन्य अड्डे को 99 साल की लीज पर ब्रिटेन और अमेरिका के पास रखने का प्रावधान है।

शुरुआत में ट्रंप ने इसे 'महान मूर्खता' और 'कमजोरी' करार दिया था। उनका तर्क था कि चीन इस क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ा सकता है, जो अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरा है।

ट्रंप की ताजा चेतावनी: "हमारा बेस, हमारी शर्तें"

ब्रिटिश पीएम कीर स्टारमर से बातचीत के बाद ट्रंप के तेवर कुछ नरम जरूर हुए हैं, लेकिन उन्होंने 'ट्रुथ सोशल' पर एक कड़ा संदेश जारी किया है:

निर्णायक कार्रवाई: "अगर भविष्य में यह लीज डील जरा भी लड़खड़ाई या हमारे सैनिकों को खतरा हुआ, तो मैं सैन्य बल का प्रयोग कर डिएगो गार्सिया को सुरक्षित करने का अधिकार सुरक्षित रखता हूं।"

पर्यावरण के नाम पर 'बकवास' नहीं: ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि वे पर्यावरण या अन्य दावों के बहाने इस रणनीतिक बेस की मजबूती के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे।

मजबूरी की डील: ट्रंप ने माना कि पीएम स्टारमर ने मौजूदा हालात में जो किया, वह शायद उनके लिए 'बेस्ट डील' थी, लेकिन अमेरिका अपनी उपस्थिति को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा।

भारत के लिए 'गुड न्यूज' क्यों?

भारत के नजरिए से यह घटनाक्रम काफी सकारात्मक माना जा रहा है:

क्षेत्रीय स्थिरता: हिंद महासागर में अमेरिका की मजबूत उपस्थिति चीन के बढ़ते कदमों (String of Pearls) को रोकने के लिए जरूरी है।

सुरक्षा गारंटी: ट्रंप का आक्रामक रुख यह सुनिश्चित करता है कि यह क्षेत्र किसी 'पावर वैक्यूम' का शिकार नहीं होगा।

रणनीतिक साझेदारी: भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग के बीच, डिएगो गार्सिया पर स्थिरता भारत के समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

डिएगो गार्सिया का महत्व

यह द्वीप हिंद महासागर के बीचों-बीच स्थित है। यहां से अमेरिका पूरे मध्य पूर्व, अफ्रीका और एशिया पर नजर रखता है। इसे 'असिंकैबल एयरक्राफ्ट कैरियर' (कभी न डूबने वाला विमानवाहक पोत) भी कहा जाता है।