Bihar Budget 2026 : महिला सशक्तिकरण के लिए ₹48,000 करोड़ का मेगा प्लान, हर घर की महिला को ₹2 लाख तक की मदद

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News India Live, Digital Desk : बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹3.48 लाख करोड़ का बजट पेश किया है। इसमें सबसे खास बात जेंडर बजट (Gender Budget) पर जोर देना है। सरकार ने विभिन्न विभागों के माध्यम से महिलाओं के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कल्याण के लिए ₹48,000 करोड़ से अधिक आवंटित किए हैं। यह अब तक का किसी भी राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के लिए किया गया सबसे बड़ा वित्तीय निवेश माना जा रहा है।

1. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (Mukhyamantri Mahila Rozgar Yojana)

इस भारी-भरकम बजट का एक बड़ा हिस्सा नीतीश सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी 'महिला रोजगार योजना' के दूसरे चरण पर खर्च होगा।

₹2 लाख की आर्थिक सहायता: योजना के तहत, पहले चरण में ₹10,000 की बीज राशि (Seed Money) प्राप्त करने वाली 1.56 करोड़ महिलाओं में से पात्र उद्यमियों को अब अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए ₹2 लाख तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी जा रही है।

उद्देश्य: हर घर से कम से कम एक महिला को सफल उद्यमी बनाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा कर पलायन रोकना।

क्रियान्वयन: यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में 'जीविका' (Jeevika) नेटवर्क के माध्यम से और शहरी क्षेत्रों में नगर विकास विभाग के सहयोग से संचालित हो रही है।

2. बजट की अन्य प्रमुख महिला-केंद्रित घोषणाएं

₹48,000 करोड़ की यह राशि केवल नकद हस्तांतरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए कई अन्य पहल शामिल हैं:

शिक्षा पर सबसे बड़ा खर्च: शिक्षा बजट (₹60,000+ करोड़) का एक बड़ा हिस्सा बालिकाओं की छात्रवृत्ति, मुफ्त साइकिल और पोशाक योजनाओं के लिए आरक्षित है।

आरक्षण का लाभ: सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण और इंजीनियरिंग/मेडिकल कॉलेजों में 33% आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए बुनियादी ढांचे पर निवेश।

125 यूनिट मुफ्त बिजली: इस योजना का सबसे बड़ा लाभ गृहिणियों और घरेलू बजट को मिलेगा, जिससे उनके खर्चों में कमी आएगी।

स्वयं सहायता समूह (SHG): राज्य की करीब 1.30 करोड़ जीविका दीदियों के समूहों को बैंक लिंकेज और बाजार (Sudha Dairy, Didi Ki Rasoi) से जोड़ने के लिए विशेष फंड।

3. सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य

पेंशन में वृद्धि: वृद्धावस्था और विधवा पेंशन की राशि को बढ़ाकर ₹1,100 प्रति माह कर दिया गया है, जिसके लिए बजट में पर्याप्त आवंटन है।

सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल: महिलाओं के लिए विशेष प्रसव और मातृ स्वास्थ्य देखभाल के लिए अस्पतालों के अपग्रेडेशन पर भारी खर्च का प्रावधान है।

4. 'सात निश्चय-3' का विजन (Vision 2030)

नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया है कि यह बजट उनके 'सात निश्चय-3' का हिस्सा है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक 1 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा करना है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी 50% से अधिक रखने का संकल्प लिया गया है।