Bihar Railway : कोसी को बड़ी सौगात सहरसा-मानसी रेल लाइन के दोहरीकरण के लिए 500 करोड़ का प्रस्ताव तैयार
News India Live, Digital Desk : बिहार के कोसी क्षेत्र की लाइफलाइन मानी जाने वाली सहरसा-मानसी रेल लाइन को जल्द ही सिंगल ट्रैक की समस्या से मुक्ति मिलने वाली है। रेलवे ने इस रूट पर ट्रेनों की लेटलतीफी और ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए रेल लाइन के दोहरीकरण (Double Lane) का विस्तृत प्रस्ताव बोर्ड को भेज दिया है। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
1. प्रोजेक्ट की मुख्य बातें (Project Highlights)
कुल दूरी: सहरसा से मानसी के बीच लगभग 42-43 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का दोहरीकरण किया जाएगा।
बजट: रेलवे ने इसके लिए करीब 500 करोड़ रुपये का एस्टीमेट (Estimate) तैयार किया है।
बाधाएं: इस रूट पर दोहरीकरण की सबसे बड़ी चुनौती कोसी और बागमती नदियों पर बने बड़े रेल पुल हैं। नए पुलों का निर्माण इस प्रोजेक्ट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
2. क्यों जरूरी है यह दोहरीकरण?
वर्तमान में यह रेलखंड सिंगल लाइन है, जिसके कारण कई समस्याएं आती हैं:
ट्रेनों की क्रॉसिंग: एक ट्रेन को निकालने के लिए दूसरी ट्रेन को घंटों आउटर या स्टेशनों पर खड़ा करना पड़ता है।
लंबा इंतजार: सहरसा से खुलने वाली राजधानी, वैशाली और गरीब रथ जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें अक्सर मानसी या सहरसा के बीच फंसी रहती हैं।
बढ़ता दबाव: पूर्णिया और मधेपुरा की ओर से आने वाली ट्रेनों की संख्या बढ़ने के कारण इस ट्रैक की क्षमता (Capacity) खत्म हो चुकी है।
3. यात्रियों को क्या होगा फायदा?
समय की बचत: ट्रैक डबल होने के बाद ट्रेनों की क्रॉसिंग के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जिससे यात्रा का समय 30-45 मिनट तक कम हो जाएगा।
नई ट्रेनों की संभावना: दोहरीकरण पूरा होने के बाद सहरसा से दिल्ली, मुंबई और दक्षिण भारत के लिए और अधिक नई ट्रेनें चलाई जा सकेंगी।
मालगाड़ियों का सुगम आवागमन: कोसी क्षेत्र में अनाज और खाद की सप्लाई तेज होगी, जिससे स्थानीय व्यापार को मजबूती मिलेगी।
4. कब शुरू होगा काम?
रेलवे सूत्रों के अनुसार, प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है। बोर्ड से वित्तीय स्वीकृति (Financial Approval) मिलते ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इसके लिए विशेष आवंटन किया जा सकता है।